० उदयपुर में 95 किलो के चांदी के रथ पर नगर भ्रमण करेंगे प्रभु, अलवर में 196 साल पुराने इंद्र विमान पर विराजेंगे भगवान जगन्नाथ
जयपुर। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर राजस्थान पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग गया है। मंदिरों को सजाया जा चुका है, रथ तैयार हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। 16 जुलाई को जयपुर और उदयपुर में भव्य रथयात्राएं निकलेंगी, जबकि 22 जुलाई को अलवर में भगवान जगन्नाथ 196 साल पुराने इंद्र विमान पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
राजधानी जयपुर में इस बार एक ही दिन तीन अलग-अलग भव्य रथयात्राएं निकलेंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होंगी।
250 साल पुरानी परंपरा निभाएगा गोविंददेवजी मंदिर
सुबह 6 बजे गोविंददेवजी मंदिर से भगवान को चांदी के ऐतिहासिक रथ पर विराजमान कर मंदिर परिसर की परिक्रमा कराई जाएगी। करीब ढाई सौ साल से चली आ रही इस परंपरा को आज भी पूरे विधि-विधान से निभाया जाता है। इसके बाद मंदिर की टीम भरतपुर के कामां में पारंपरिक रथयात्रा में शामिल होगी।
पुरी की तर्ज पर निकलेगी भव्य रथयात्रा
शाम 5 बजे श्री जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विशाल रथयात्रा निकलेगी। करीब 30 लाख रुपये की लागत से आयोजित इस महोत्सव में पुरी की परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया है। नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन में संत शिवमणि त्रिपाठी महाराज भगवान जगन्नाथ की महिमा पर कथा भी सुनाएंगे।
हाइड्रोलिक रथ बनेगा सबसे बड़ा आकर्षण
गुप्त वृंदावन धाम की ओर से शाम 5:30 बजे निकलने वाली रथयात्रा में आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। भगवान विशेष रिमोट कंट्रोल हाइड्रोलिक रथ पर विराजमान होंगे। बिजली के तारों के अनुसार इस रथ की ऊंचाई कम और ज्यादा की जा सकेगी, जो इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता होगी।
उदयपुर में रजत रथ पर निकलेंगे भगवान
उदयपुर में दोपहर 3 बजे भगवान जगन्नाथ स्वामी माता लक्ष्मी और दानीराय जी के साथ 95 किलो वजनी चांदी के रथ पर नगर भ्रमण करेंगे।
पूरे यात्रा मार्ग को 11 हजार ध्वजा-पताकाओं से सजाया जाएगा। श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां, शाही लवाजमा, बैंड-बाजे, ऊंट-घोड़े, कलश यात्रा और भजन मंडलियां इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए 10 हजार लोगों की महाप्रसादी की भी व्यवस्था की गई है।
अलवर में 196 साल पुराने इंद्र विमान पर सवार होंगे प्रभु
अलवर में 22 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान 196 वर्ष पुराने इंद्र विमान पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा में हरियाणा का प्रसिद्ध बमरसिया नृत्य, शंखवादक, घड़ियाल पार्टी, ऊंट-घोड़े, धार्मिक झांकियां और शाही बैंड आकर्षण का केंद्र होंगे।
दुबई से आई भगवान की पोशाक
इस बार भगवान जगन्नाथ का विशेष श्रृंगार दुबई से भेजे गए कपड़े से तैयार पोशाक में होगा। विदेश से विशेष इत्र भी मंगवाए गए हैं, जिनसे भगवान का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा।
रूट पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
रथयात्राओं के दौरान जयपुर, उदयपुर और अलवर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
राजस्थान में इस बार की जगन्नाथ रथयात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और भव्य परंपरा का विराट उत्सव बनने जा रही है।

