गोहाना/सोनीपत। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का नियमित संचालन उद्घाटन के अगले दिन यानी 18 जुलाई से आम यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगा। यह अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ट्रेन जींद-सोनीपत रेलखंड पर चलेगी। यात्री इसमें सामान्य पैसेंजर ट्रेन की तरह कम किराए पर सफर कर सकेंगे। जींद से सोनीपत तक का अधिकतम किराया 25 रुपये, जबकि छोटे स्टेशनों के लिए किराया 5 रुपये से शुरू होगा।

आज PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उद्घाटन यात्रा में ट्रेन की दो बोगियां रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और विशेष अतिथियों के लिए आरक्षित रहेंगी।

वहीं शेष डिब्बों में पांडु पिंडारा, गोहाना, लाठ, मोहाना और सोनीपत स्टेशन से 200-200 विद्यार्थियों सहित कुल 1000 छात्र यात्रा करेंगे।

14 स्टेशनों पर होगा ठहराव

ट्रेन 74010/74009 नंबर से संचालित होगी। यह जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी और कुल 14 स्टेशनों पर रुकेगी।

स्टॉपेज इस प्रकार हैं:

जींद जंक्शन
जींद सिटी
पांडु पिंडारा
ललित खेड़ा
भंभेवा
ईशापुर खेड़ी
बुटाना
खंदराई
गोहाना
रभड़ा
लाठ
मोहाना
बड़वासनी
सोनीपत जंक्शन

वापसी में भी ट्रेन सभी स्टेशनों पर रुकेगी।

जानिए ट्रेन का टाइम और स्पीड
जींद से प्रस्थान: सुबह 7:40 बजे
सोनीपत आगमन: सुबह 9:40 बजे
सोनीपत से वापसी: सुबह 10:30 बजे
जींद आगमन: दोपहर 1:00 बजे
अधिकतम गति: 75 किमी प्रति घंटा


स्वागत की तैयारियां, मंत्री ने लगाई झाड़ू

हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से पहले गोहाना रेलवे स्टेशन पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अपनी पत्नी डॉ. रीटा शर्मा और कार्यकर्ताओं के साथ रेलवे स्टेशन परिसर में झाड़ू लगाकर श्रमदान किया।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार घर में विशेष अतिथि के स्वागत से पहले साफ-सफाई की जाती है, उसी भावना से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं।

गोहाना को मिलेगी नई पहचान

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि आधुनिक और हरित भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से गोहाना को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान भी मिलेगी।

उन्होंने लोगों से स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज और विकसित भारत की नींव है।