प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के “ड्रीम प्रोजेक्ट” के तहत धर्मनगरी उज्जैन में देश का दूसरा “वनतारा” बनेगा। जामनगर के “वनतारा अभ्यारण” की तर्ज पर उज्जैन में आधुनिक “जू” बनेगा। वनतारा की टीम इस परियोजना की DPR तैयार कर रही है। वनतारा की टीम पूर्व में सर्वे कर चुकी है।
100 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित
दरअसल मक्सी रोड के नौलखी क्षेत्र में 100 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित की गई है। वन्य जीवों के संरक्षण, देखरेख, इलाज के साथ रेस्क्यू सेंटर होगा। नाइट कैंपिंग, सफारी सहित अन्य गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंशानुसार धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा। अब उज्जैन धर्मस्थल के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।
दिन और रात दोनों समय जंगल सफारी का लुत्फ उठा पाएंगे
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। “सिंहस्थ – 2028” के पूर्व “वनतारा प्रोजेक्ट” के पहले फेज को पूरा करने का प्रयास है। शुरुआती दौर में लगभग 300 करोड़ की लागत से 300 से ज्यादा देशी – विदेशी प्रजातियों के साथ टाइगर सफारी और रेस्क्यू केंद्र शामिल होगा। पर्यटक दिन और रात दोनों समय जंगल सफारी का लुत्फ उठा पाएंगे। संभाग भर के वन्यजीवों का रेस्क्यू कर इलाज व देखरेख होगा।

