नई दिल्ली। मूर्ति पूजन करने वाले घरों में अक्सर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है जब किसी देवी-देवता की मूर्ति खंडित हो जाती है, तस्वीर फट जाती है या समय के साथ वह इतनी पुरानी हो जाती है कि उसका नियमित पूजन करना उचित नहीं माना जाता। ऐसे में श्रद्धा के साथ उसका सम्मानजनक विसर्जन करना लोगों के लिए एक भावनात्मक और व्यावहारिक चुनौती बन जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने मंगलवार को राजधानी में एक विशेष जनभागीदारी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पुरानी या खंडित मूर्तियों के उचित निपटान के लिए एक व्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
इस अभियान का उद्देश्य घरों में पूजी जाने वाली और खंडित हो चुकी देवी-देवताओं की मूर्तियों का सम्मानपूर्वक संग्रह करना और उन्हें पर्यावरण-अनुकूल तरीके से रीसाइक्लिंग करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से ऐसे सभी धार्मिक प्रतीकों का सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा, जिन्हें घरों में श्रद्धा के साथ रखा जाता है, लेकिन समय के साथ वे खंडित या अनुपयोगी हो जाते हैं। उनका कहना है कि इन मूर्तियों का उचित और सम्मानजनक निपटान बेहद जरूरी है, ताकि आस्था का भी सम्मान बना रहे और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे।
CM गुप्ता ने वीडियो शेयर कर दी जानकारी
इस संबंध में सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार जल्द ही ऐसे समर्पित ‘कलेक्शन सेंटर’ स्थापित करेगी, जहां नागरिक अपनी खंडित मूर्तियों को श्रद्धा और सम्मान के साथ जमा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक जिन मूर्तियों को लोग अपने घरों में भगवान के रूप में पूजते हैं, उनके खंडित हो जाने के बाद अक्सर उन्हें पीपल के पेड़ों के नीचे, नदी किनारे, पार्कों या सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने इसे न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ऐसे विशेष संग्रह केंद्र विकसित करेगी, जहां लोग अपनी अनुपयोगी या खंडित मूर्तियों को सम्मानपूर्वक जमा कर सकेंगे। इसके बाद इन मूर्तियों का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जाएगा, ताकि उनसे उपयोगी वस्तुएं तैयार की जा सकें।
‘आस्था के सम्मान के साथ पर्यावरण की सुरक्षा है उद्देश्य’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आस्था का सम्मान भी बना रहे और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। यह पहल केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक व्यापक आंदोलन बनेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है और नागरिकों से सुझाव आमंत्रित कर रही है, ताकि इसे और अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार तीन प्रमुख सवालों पर जनता की राय चाहती है पहला, इस पहल पर लोगों के विचार क्या हैं; दूसरा, कलेक्शन सेंटर कहां-कहां स्थापित किए जाएं, जैसे वार्ड, बाजार या कॉलोनी स्तर पर; और तीसरा, इस व्यवस्था को अधिक गरिमापूर्ण और प्रभावी बनाने के लिए और क्या सुधार किए जा सकते हैं।
जनता से सुझाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से सक्रिय रूप से सुझाव देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक अच्छे विचार को जब जनता का साथ मिलता है तो वह आंदोलन बन जाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि आस्था का सम्मान और दिल्ली की सफाई दोनों ही सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव सीधे सोशल मीडिया पर कमेंट के माध्यम से साझा करें, ताकि उन्हें योजना में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनता से मिले सुझावों के आधार पर ही दिल्ली सरकार एक विस्तृत और “फूलप्रूफ” कार्ययोजना तैयार करेगी।
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