झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले में वीरेंद्र सहवाग स्कूल के ठीक सामने हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने एक नया और बेहद पेचीदा मोड़ ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जिस कहानी का दावा किया था, अब मृतक के परिवार ने उसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पुलिसिया खुलासे के बाद मृतक कामिल के परिजनों ने सामने आकर कुछ ऐसे गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसने जांच एजेंसी की पूरी थ्योरी को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस नए विवाद के बाद पूरे इलाके में इस झज्जर डबल मर्डर को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

पुलिस का वो दावा जिस पर मचा है भारी बवाल

झज्जर पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो शूटरों को दबोचा था। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि मृतक कामिल अपने साथियों के साथ मिलकर हाईवे पर खड़े होने वाले ट्रकों से डीजल और तेल चोरी करने का एक बड़ा अवैध नेटवर्क चलाता था। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक कामिल इस काम के लिए अपने गुर्गों को 1500 रुपये की दैनिक दिहाड़ी देता था और काली कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा खुद अपने पास रखता था। पुलिस का दावा था कि इसी चोरी के पैसों के बंटवारे को लेकर आपस में विवाद हुआ और साथियों ने ही कामिल और उसके एक अन्य दोस्त इरशाद की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी।

हर महीने आता था 12 लाख रुपये का किराया

पुलिस के इस सनसनीखेज दावे के बाद मृतक कामिल के परिजन मीडिया के सामने आए और उन्होंने पुलिसिया कहानी की धज्जियां उड़ा दीं। परिजनों ने साफ कहा कि कामिल कोई मामूली चोर या अपराधी नहीं था। उन्होंने बताया कि राजस्थान के नीमराना इलाके में कामिल के नाम पर 3 बड़े-बड़े पीजी यानी पेइंग गेस्ट हाउस हैं। इन तीनों पीजी से कामिल को हर महीने लगभग 10 से 12 लाख रुपये का शुद्ध किराया आता था। परिजनों का सीधा सवाल है कि जो व्यक्ति हर महीने बिना कुछ किए लाखों रुपये वैध तरीके से कमा रहा हो, वह मात्र कुछ हजार रुपये के डीजल के लिए ट्रकों से तेल चोरी करने जैसा घटिया और खतरनाक काम क्यों करेगा।

कहानी में आया एक महिला का नया एंगल

परिजनों ने पुलिस पर मामले को पूरी तरह से भटकाने और जांच को गलत दिशा में ले जाने का सीधा आरोप लगाया है। मृतक के परिवार का कहना है कि यह हत्या तेल चोरी के विवाद में नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की जमीन और भारी-भरकम कैश के लेन-देन के चक्कर में की गई है। परिवार ने इस खूनी खेल के पीछे एक दूसरा एंगल देते हुए दावा किया कि इस पूरे हत्याकांड के पीछे नीमराना की रहने वाली एक रहस्यमयी महिला का हाथ है। परिवार ने मांग की है कि पुलिस को उस महिला की भूमिका और कामिल के साथ उसके पैसों के लेन-देन की गहनता से जांच करनी चाहिए।