० 31 मोस्ट वांटेड नक्सलियों की तलाश तेज,सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी
रांची। झारखंड में माओवाद के खिलाफ चल रहे अभियान ने निर्णायक दौर में प्रवेश कर लिया है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां फरार चल रहे 31 कुख्यात माओवादियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और राज्य की विशेष शाखा से मिले खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बल लगातार जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के प्रमुख बिंदु:
० एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल का 9 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थाना क्षेत्र स्थित मुरूम्बुरा गांव के जंगल में लोकेशन मिला।
० उसके साथ 15 लाख के इनामी रीजनल कमेटी सदस्य मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण उर्फ कुंबा और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा भी मौजूद थे।
० पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ थाना क्षेत्र के नचलदा और केड़ाबीर इलाके में 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर सालुका कायम के दस्ते की भी गतिविधियां सामने आईं। उसके साथ राहत, पिंकी, कोदोमुनी और रीता जैसे माओवादी शामिल बताए गए हैं।
० एक करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर का 9 जुलाई को पूर्वी सिंहभूम के बोड़ाम थाना क्षेत्र के जरकी गांव के सीमावर्ती इलाके में लोकेशन मिला। उसके साथ 15 लाख के इनामी सचिन मार्डी उर्फ राम प्रसाद मार्डी और रवि सिंह सरदार भी देखे गए।
अन्य जिलों में भी सक्रियता के संकेत
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 के दिसंबर में 15 लाख के इनामी नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ नंदू और 10 लाख के इनामी संजय यादव उर्फ गोदराय यादव के दस्ते की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
वहीं, 15 जुलाई 2026 को चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के पसागम जंगल में 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर मनोहर गंझू के दस्ते की गतिविधियों की सूचना मिली है। इसके अलावा 29 मई 2026 को लातेहार के नेतरहाट क्षेत्र में 5 लाख के इनामी सब-जोनल कमांडर राजू भूईया और उसके दस्ते के सक्रिय होने की जानकारी भी सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सभी इनपुट के आधार पर प्रभावित इलाकों में लगातार कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी या उन्हें निष्क्रिय करने के लिए अभियान और तेज कर दिया गया है।


