राजधानी दिल्ली में बढ़ती आगजनी की घटनाओं को देखते हुए दिल्ली फायर सर्विस (Delhi Fire Service) ने राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग जल्द ही 26 नई क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) तैनात करने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन छोटे और तेज रफ्तार वाहनों की मदद से आग लगने की सूचना मिलने के शुरुआती मिनटों में ही प्रभावित जगहों तक पहुंचा जा सकेगा। खासतौर पर ऐसे इलाकों में जहां संकरी गलियों या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के कारण बड़ी दमकल गाड़ियों को पहुंचने में परेशानी होती है, वहां QRV काफी मददगार साबित होंगी।
हर दिन सैकड़ों कॉल, चुनौती बन रही तंग बस्तियां
दिल्ली फायर सर्विस को इन दिनों रोजाना 200 से ज्यादा इमरजेंसी कॉल मिल रही हैं। ऐसे में विभाग ने त्वरित राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आग बुझाने में सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों में आती है जहां गलियां बेहद संकरी हैं या फायर स्टेशन काफी दूर स्थित हैं। ऐसे स्थानों पर बड़ी दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग जाता है, जिससे शुरुआती स्तर पर आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है।
इसी समस्या को देखते हुए दिल्ली फायर सर्विस जल्द ही 26 नई क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) तैनात करने जा रही है। ये छोटी और तेज रफ्तार गाड़ियां उन क्षेत्रों में तुरंत पहुंच सकेंगी जहां बड़ी दमकल गाड़ियों की आवाजाही आसान नहीं होती। फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन वाहनों की तैनाती से उन इलाकों में आग की घटनाओं पर काबू पाने में मदद मिलेगी, जहां फायर स्टेशन काफी दूरी पर हैं, आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं, संकरी गलियों के कारण बड़ी फायर गाड़ियों को पहुंचने में परेशानी आती है। QRV के जरिए शुरुआती मिनटों में बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा और आग को फैलने से रोकने में सहायता मिलेगी।
नई गाड़ियों से दोगुनी होगी QRV की संख्या
विभाग के पास फिलहाल 24 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) मौजूद हैं। जल्द ही 26 नई QRV शामिल होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, नई गाड़ियों को उन संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां आग लगने की घटनाएं ज्यादा सामने आती हैं या जहां पहुंचने में भौगोलिक कारणों से परेशानी होती है। फायर सर्विस का कहना है कि QRV के जरिए आग लगने की सूचना मिलने के बाद शुरुआती समय में ही मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा। खासतौर पर संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में ये वाहन बड़ी दमकल गाड़ियों के पहुंचने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पुलिस PCR के साथ तैनाती से घटेगा रिस्पॉन्स टाइम
अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर QRV को दिल्ली पुलिस की PCR यूनिट के साथ तैनात किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अक्सर आग लगने की स्थिति में लोग सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देते हैं। इसके बाद जानकारी फायर विभाग तक पहुंचती है, जिसमें कुछ समय लग सकता है। नई व्यवस्था के तहत पुलिस और फायर सर्विस की टीमें एक साथ मौके पर पहुंच सकेंगी, जिससे शुरुआती राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक QRV में करीब 100 लीटर पानी और 25 लीटर फोम की व्यवस्था होगी। इन वाहनों में मोटर पंप भी लगाए जाएंगे, जो दबाव के साथ पानी की बौछार करने में सक्षम होंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर ये आसपास मौजूद जल स्रोतों से पानी खींचकर आग बुझाने के काम में इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
हर QRV में तीन प्रशिक्षित फायरकर्मी तैनात रहेंगे। वाहनों में प्राथमिक उपचार सामग्री के साथ जरूरी फायर फाइटिंग टूल्स भी उपलब्ध रहेंगे, ताकि मौके पर पहुंचते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान त्वरित कार्रवाई करके आग को फैलने से रोका जा सकता है और बड़े नुकसान को कम किया जा सकता है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

