धनबाद। रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। भाई-बहन के इस त्योहार पर लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कुछ कारोबारी मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए मिलावटी और सस्ते केमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सफेद रसगुल्लों को चमकाने के लिए केमिकल के इस्तेमाल का दावा

बाजार में दूध जैसी सफेद दिखाई देने वाली रसगुल्लों की बिक्री तेजी से हो रही है। एक थोक मिठाई कारोबारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया कि शहर की करीब 95 फीसदी दुकानों में रसगुल्लों का रंग निखारने के लिए हाइड्रो पाउडर जैसे केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है।कारोबारी के मुताबिक, मिठाइयों को ज्यादा सफेद और आकर्षक दिखाने का मकसद ग्राहकों को आसानी से आकर्षित करना और बिक्री बढ़ाना है।

चांदी वर्क की जगह सस्ते एल्युमिनियम का आरोप

सिर्फ रसगुल्ले ही नहीं, बल्कि काजू बर्फी और दूसरी महंगी मिठाइयों की सजावट पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि असली चांदी के वर्क की जगह सस्ते एल्युमिनियम वर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है।त्योहार के दौरान बढ़ती मांग के बीच मिलावट का यह कथित कारोबार ग्राहकों की सेहत के लिए चिंता का विषय बन गया है।

जांच और कार्रवाई की जरूरत

रक्षाबंधन के मौके पर मिठाइयों की बिक्री बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में बाजार में बिक रही मिठाइयों के सैंपल लेकर उनकी जांच और मिलावट पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है।