कृष्ण कुमार सैनी ,चरखी दादरी। जिले के गांव पैंतावास कलां से ऐसा मार्मिक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। छोटे भाई की मौत का सदमा बड़े भाई सहन नहीं कर सके और महज साढ़े सात घंटे के भीतर उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। एक ही घर में दो मौतों ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया।

रविवार रात करीब 10:30 बजे 70 वर्षीय हरीराम, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे, उनका निधन हो गया। परिवार अभी इस दुख को संभाल भी नहीं पाया था कि बड़े भाई 80 वर्षीय ताराचंद पर यह खबर बिजली बनकर गिरी। भाई के बिछड़ने का दर्द उनके लिए असहनीय हो गया और सोमवार सुबह करीब 6 बजे उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली।

गांव में पसरा सन्नाटा

सुबह होते-होते गांव में ऐसा सन्नाटा छा गया, मानो हर घर इस दुख में शामिल हो। एक ही आंगन से जब दो अर्थियां उठीं, तो हर आंख नम हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाइयों का रिश्ता ‘राम-लक्ष्मण’ जैसा था और वे एक-दूसरे के बिना अधूरे थे।

दोनों चिताओं को देख हर किसी की आँखें हुई नम

जब दोनों भाइयों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि उस अटूट रिश्ते की मिसाल बन गई, जिसे मौत भी ज्यादा देर तक जुदा नहीं रख सकी।