हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जनसुनवाई में अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया कि इंदौर में 32 से अधिक डॉक्टर कथित तौर पर पाकिस्तानी डिग्रियों और संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रैक्टिस कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ये डॉक्टर शहर के अलग-अलग क्लीनिक और अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि उनकी शैक्षणिक योग्यता पर गंभीर सवाल हैं।
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शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि पहले भी कुछ मामलों में गलत इलाज के कारण मरीजों की मौत तक हो चुकी है, जिनमें बाद में एफआईआर दर्ज हुई और डिग्रियों को फर्जी बताया गया। मामले को लेकर 3 फरवरी 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Madhav Hasani को सूचना के अधिकार के तहत आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद 9 मार्च को क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक Shaji Joseph के पास अपील की गई।

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बताया गया कि क्षेत्रीय संचालक ने 24 मार्च को मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ को 7 दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में फर्जी डॉक्टरों और अस्पतालों को संरक्षण मिल रहा है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इस पर जिलाधीश ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एडीएम नवजीवन पंवार को जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शिकायत में जिन डॉक्टरों के नाम शामिल किए गए हैं, वे शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रैक्टिस करते बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


