हांसी। पेयजल संकट को लेकर हांसी के गांव चानौत में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 25 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा धरनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समस्या का समाधान नहीं किया तो इस मुद्दे को विधानसभा और लोकसभा दोनों सदनों में मजबूती से उठाया जाएगा।
12 साल से पानी की समस्या, सरकार पर उदासीनता का आरोप
सांसद ने कहा कि क्षेत्र के कई गांव पिछले 12 वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे हैं। ऐसे में सरकार का संवेदनहीन रवैया चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हांसी शहर के लिए नई जलापूर्ति लाइन बिछाना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन पानी जैसी मूलभूत सुविधा को शहर और गांव के आधार पर नहीं बांटा जा सकता।उन्होंने आंदोलन में शामिल ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को भी वापस लेने की मांग की।
27 ग्रामीण तैयार, पांच बैठेंगे अनशन पर
धरना समिति के सदस्य अनूप सिंह चानौत ने बताया कि आमरण अनशन के लिए 27 ग्रामीणों ने अपनी सहमति दी है। इनमें से शुरुआती चरण में पांच ग्रामीण अनशन पर बैठेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
महंगाई और आर्थिक नीतियों पर भी साधा निशाना
दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और खाद की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।
जंतर-मंतर और एसआईआर मुद्दे पर भी बोले
सांसद ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों को प्रदर्शन की अनुमति मिल जाती है, जबकि कांग्रेस, किसान संगठनों और महिला पहलवानों को अनुमति नहीं दी जाती।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है और यदि मतदाताओं के अधिकारों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ हुआ तो पार्टी इसका विरोध करेगी।
इस दौरान विधायक चंद्रप्रकाश जांगड़ा, विधायक जस्सी पेटवाड़, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

