मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में बीती रात बारिश हुई है। कहीं कहीं ओले भी गिरे हैं। बारिश और ओले से खेतों पर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान फसल को लेकर चिंतित है।
सतीश दुबे, डबरा। बीती रात अचानक हुई बे मौसम बारिश ने किसानों को चिंतित कर दिया। गरज के साथ गिरे ओलो के कारण खेतों में खड़ी गेहूं सहित रवि सीजन 50% के करीब फसले बर्बाद हो गई। अब किसान सरकार से मदद की गुहार लेकर अपने खेतों में खड़े हैं कि कोई सरकारी नुमाइंदा आएगा और सर्वे करेगा। किसानों की मानें तो तेज हवा, बारिश और बेर के आकार के ओले के कारण खेतों में खड़ी रवि सीजन की फसलें जमीन पर लेट गई। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों को अब आर्थिक संकट में लाकर खड़ा कर दिया है।
किसान सरकार से मुआवजे की आस में
बता दें कि डबरा- भितरवार अंचल के तमाम ऐसे गांव है जहां फसलों को नुकसान हुआ है और अब किसान सरकार से मुआवजे की आस में है। सेकरा जागीर के किसान दीपक, आकाश, अमर सिंह, बृजमोहन, सुघर सिंह, लक्ष्मण सिंह बताते है कि फसलें में करीब 50% का नुकसान है फिलहाल कोई भी सरकारी कर्मचारी सर्वे के लिए नहीं पहुंचा।
खेतों में खड़ी है गेहूं और चना फसल
अनिल सक्सेना रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। सुल्तानगंज तहसील के कई गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसल पर खतरा मंडराने लगा है।सुल्तानगंज तहसील अंतर्गत नई गढ़िया, गोपई, उमरहारी और गुलवाड़ा गांवों में अचानक मौसम बिगड़ गया। यहां बारिश के साथ चने और बेर के आकार के ओले गिरे। ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं और चना जैसी फसलों को नुकसान पहुंचाने की आशंका बढ़ा दी है।
काले बादलों ने माहौल बदल दिया
इस समय किसान कटाई की तैयारी में थे, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज ठंडी हवाओं और काले बादलों ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया। सुल्तानगंज और बेगमगंज क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला, जहां बाजार में चांद रात को लेकर सजी दुकानों पर बारिश ने खलल डाल दिया। दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा।


