Lifestyle Desk – बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल इंफेक्शन के बीच कानों से जुड़ी परेशानियां अक्सर चर्चा में नहीं आतीं। हालांकि, बारिश के मौसम में कान में दर्द, खुजली, पानी या तरल पदार्थ निकलना और सुनने में परेशानी जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में बढ़ी नमी और कानों में लंबे समय तक पानी या सीलन बने रहना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।आइए जानते हैं इसके बचाव के उपाय।

नमी और गंदा पानी बढ़ाता है संक्रमण का खतरा

बारिश के दिनों में वातावरण में नमी अधिक रहती है। ऐसे में कान की बाहरी नली में नमी लंबे समय तक बनी रहने पर बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सकता है। बारिश के पानी के अलावा तालाब, नदी या स्विमिंग पूल के दूषित पानी के संपर्क में आने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। खासकर तैराकी के बाद कानों को अच्छी तरह न सुखाने पर समस्या होने की आशंका रहती है।

खुजली और दर्द को सामान्य न समझें

कान में लगातार खुजली होना, लालिमा, दर्द, भारीपन या कान बंद जैसा महसूस होना संक्रमण के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। कुछ मामलों में कान से पानी या बदबूदार तरल पदार्थ भी निकल सकता है। संक्रमण बढ़ने पर सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे लक्षणों को केवल मौसम का असर समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना परेशानी को बढ़ा सकता है।

कान साफ करने में न बरतें लापरवाही

कान में खुजली होने पर कई लोग कॉटन बड, माचिस की तीली या किसी नुकीली वस्तु से कान साफ करने लगते हैं। इससे कान की त्वचा पर चोट लग सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। कान में बार-बार छेड़छाड़ करने से प्राकृतिक सुरक्षा परत भी प्रभावित होती है। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के कान में किसी तरह की ड्रॉप या घरेलू नुस्खे डालने से बचना चाहिए।

बारिश में ऐसे रखें कानों का ख्याल

बारिश में कानों को सूखा रखना सबसे जरूरी है। नहाने या बारिश में भीगने के बाद कान के बाहरी हिस्से को मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे सुखाएं। पानी कान के अंदर चला जाए तो उसे निकालने के लिए नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें। तैराकी करते समय साफ पानी और उचित सावधानी का ध्यान रखें। जिन लोगों को बार-बार कान में संक्रमण होता है, उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

अगर कान में तेज दर्द, लगातार पानी निकलना, सुनने में कमी, सूजन या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है। समय पर इलाज मिलने से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है। बारिश का मौसम सुहाना जरूर है, लेकिन कानों की सेहत के लिए थोड़ी सी सावधानी इस मौसम में बड़ी परेशानी से बचा सकती है।