दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अपनी अद्वितीय हरियाली और समृद्ध वन्यजीवों के कारण देशी और विदेशी पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र बन गया है। इस साल यहाँ आने वाले सैलानियों की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालांकि, मानसून की दस्तक के साथ ही अब यहाँ की जंगल सफारी का अंदाज बदलने वाला है। बारिश के मौसम में वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक मढ़ई और चूरना जैसे मुख्य (कोर) क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। इस सीजन की आखिरी कोर सफारी 30 जून को होगी, जिसके बाद ये गेट सीधे 1 अक्टूबर 2026 को दोबारा खुलेंगे।
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कोर क्षेत्र बंद होने के बावजूद रोमांच के शौकीनों को निराश होने की जरूरत नहीं है। STR की डिप्टी डायरेक्टर ऋषिभा नेताम ने बताया कि मानसून के दौरान ‘बफर का सफर’ योजना के तहत बागरा और पिपरिया सहित अन्य बफर क्षेत्रों में जंगल सफारी पूरी तरह चालू रहेगी, जहाँ पर्यटक बारिश में प्रकृति का आनंद ले सकेंगे। वर्ष 2024-25 में (जून 2025 तक) जहाँ 4 लाख 3 हजार पर्यटक आए थे, वहीं इस वर्ष (2025-26) में मई महीने तक ही यह आंकड़ा 4 लाख 10 हजार को पार कर गया है।
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पिछले साल कुल 10 हजार विदेशी सैलानी आए थे, जबकि इस बार मई तक ही 10,600 विदेशी पर्यटक यहाँ पहुँच चुके हैं। अभी जून के आँकड़े आना बाकी है, जिससे यह संख्या और बढ़ेगी। वर्तमान में यहाँ 91 से अधिक बाघों के साथ पैंथर, भालू, बायसन, बारहसिंगा और दुर्लभ तितलियाँ पाई जाती हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर खींचती हैं।
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