धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। वीर भगतसिंह युवा दल के तत्वाधान में वीर सावरकर की जयंती के अवसर पर उन्हें आदरपूर्वक नमन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के जिला प्रधान दीपेश भार्गव व युवा दल के प्रधान दिनेश कपूर ने कहा कि वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के भागूर गांव में हुआ। देशभक्ति की भावना बालपन से ही उनके खून में समाई थी। 1905 में उन्होंने विदेशी वस्तुओं की होली जलाने का कार्यक्रम शुरू कर देशवासियों को अंग्रेजो के विरूद्ध एकजुट करने का प्रयास किया। परिणामस्वरूप उन्हें फर्ग्यूसन कालेज से निकाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि 1909 में 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम पर पुस्तक लिख कर देशवासियों में क्रान्ति की ज्वाला भर दी। 1911 में उन्हें राजद्रोह और हत्या के आरोप मे दो बार के आजीवन कारावास की सजा सुनाई। काला पानी में सात फुट की कोठरी में उन पर अंग्रेज सरकार ने बहुत जुल्म ढाये। उन्होंने कोल्हू में बैल की जगह लगा कर तेल निकालने के लिए मजबूर किया गया। 1935 से 1943 तक हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर रहते हुए देश के हिन्दुओं को एक जुट करने का प्रयास किया। आज उनका महान चरित्र समस्त देशवासियों के लिए महान प्रेरणा हैं। कार्यक्रम में सभी ने भारत माता की जय व वन्दे मातरम के उद्घोष किया।

कार्यकम में भाजपा मण्डल महामंत्री राजीव आहुजा, राम अग्रवाल, मनोज गुप्ता, हेमन्त ग्रोवर, नवीन भार्गव, अशोक कुमार, सचिन वर्मा, दीपक वर्मा और ताराचंद ने सहयोग किया।