भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश फोगाट को राजनीति करने पर राजनीतिक जवाब देने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने कुश्ती संघ में उम्रदराज खिलाड़ियों को बाहर करने समेत कई बड़े फैसलों की जानकारी दी है।
रोहतक। भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने पहलवान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर वह खिलाड़ी के रूप में मैट पर उतरेंगी तो उनका स्वागत किया जाएगा, लेकिन यदि राजनीति करेंगी तो उन्हें राजनीतिक जवाब ही मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गोंडा में आयोजित कुश्ती चैंपियनशिप को विनेश ने “राजनीति का अखाड़ा” बनाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह चौथे स्थान पर ही रह गईं।
रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में हरियाणा कुश्ती संघ द्वारा आयोजित अंडर-23 सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में पहुंचे संजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि विनेश फोगाट से यह भी पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने एक ही दिन में दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में मुकाबले कैसे लड़े थे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल पर ध्यान देना चाहिए, न कि खेल को राजनीति का मंच बनाना चाहिए।
उम्रदराज खिलाड़ियों को लेकर बड़ा फैसला
संजय सिंह ने बताया कि भारतीय कुश्ती संघ ने खिलाड़ियों के हित में बड़ा बदलाव किया है। पहले अधिक उम्र के खिलाड़ी कम उम्र के खिलाड़ियों के साथ मुकाबले लड़ते थे, जिससे जूनियर खिलाड़ियों का प्रदर्शन और स्टैमिना प्रभावित होता था। लंबे मंथन के बाद संघ ने ऐसे खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं से बाहर करने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देना और भविष्य में सीनियर वर्ग में भारत के लिए अधिक पदक सुनिश्चित करना है। उनका दावा है कि इस फैसले का सकारात्मक असर जल्द देखने को मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी पूरी
WFI अध्यक्ष ने बताया कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए संघ ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए दो विदेशी कोच भी नियुक्त किए गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि भारतीय पहलवान आने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और देश के लिए अधिक पदक जीतेंगे।
‘कुश्ती संघ में राजनीति करने वालों को बाहर किया’
संजय सिंह ने कहा कि कुश्ती संघ में कभी राजनीति नहीं रही। बीच में कुछ लोगों ने संगठन में राजनीति करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों का हित और भारतीय कुश्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
उन्होंने अंडर-23 सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता में सफल रहने वाले खिलाड़ियों का आगे अंतरराष्ट्रीय अंडर-23 चैंपियनशिप के लिए ट्रायल कराया जाएगा। ट्रायल में चयनित खिलाड़ी ही भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

