Lifestyle Desk – मां बनना हर महिला के जीवन का एक खास और भावनात्मक सफर होता है. हालांकि, इस खूबसूरत एहसास के साथ शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव भी होते हैं. ऐसे में सही खानपान और पर्याप्त पोषण बेहद जरूरी हो जाता है. गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, क्योंकि इसी दौरान शिशु का विकास, मां की ऊर्जा, खून की मात्रा, हड्डियों की मजबूती और रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी हद तक पोषण पर निर्भर करती है. हर महिला की प्रेगनेंसी अलग होती है, लेकिन कुछ ऐसे पोषक तत्व हैं, जिनकी जरूरत लगभग हर गर्भवती महिला को होती है. आइए जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान सबसे जरूरी 7 पोषक तत्वों के बारे में.

फोलिक एसिड
फोलिक एसिड प्रेगनेंसी की शुरुआत से पहले और शुरुआती महीनों में सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक माना जाता है. यह शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के सही विकास में मदद करता है और जन्मजात न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स के खतरे को कम करता है. डॉक्टर अक्सर बेबी प्लानिंग के समय से ही इसकी सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं.
आयरन
गर्भावस्था के दौरान शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है, इसलिए आयरन की जरूरत भी बढ़ जाती है. इसकी कमी से एनीमिया, कमजोरी, थकान और समय से पहले प्रसव जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, गुड़ और सूखे मेवे आयरन के अच्छे स्रोत हैं.
कैल्शियम
शिशु की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी है. यदि मां के शरीर में कैल्शियम की कमी होगी तो इसका असर उसकी हड्डियों पर भी पड़ सकता है. दूध, दही, पनीर और तिल जैसे खाद्य पदार्थ कैल्शियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं.
विटामिन D
कैल्शियम के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन D आवश्यक है. यह मां और शिशु दोनों की हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. सुबह की हल्की धूप और डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट इसके अच्छे विकल्प हो सकते हैं.
प्रोटीन
प्रेगनेंसी के दौरान शिशु की कोशिकाओं, मांसपेशियों और अंगों के विकास के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी होता है. दालें, दूध, अंडे, सोया, पनीर और दही जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन की पूर्ति में मदद करते हैं.
ओमेगा-3 फैटी एसिड
ओमेगा-3 फैटी एसिड शिशु के मस्तिष्क और आंखों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह मां के हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. अखरोट, अलसी के बीज और कुछ प्रकार की मछलियां इसके अच्छे स्रोत हैं.
आयोडीन
आयोडीन शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए आवश्यक होता है. इसकी कमी से बच्चे के मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है. आयोडीन युक्त नमक और संतुलित आहार के जरिए इसकी जरूरत पूरी की जा सकती है.
डॉक्टर की सलाह जरूरी
गर्भावस्था में किसी भी विटामिन या सप्लीमेंट का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए. हर महिला की पोषण संबंधी जरूरतें अलग हो सकती हैं. इसलिए नियमित जांच, संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट लेना ही सुरक्षित और बेहतर विकल्प है.
सही पोषण न केवल गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास की मजबूत नींव भी रखता है. इसलिए प्रेगनेंसी के नौ महीनों में संतुलित खानपान और जरूरी पोषक तत्वों का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक है.

