Dharm Desk – सनातन परंपरा में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना है। हर कोई चाहता है कि घर में हमेशा खुशहाली बनी रहे, धन की कमी न हो और परिवार सुखी रहे। इसके लिए लोग पूजा-पाठ के साथ-साथ घर की साफ-सफाई और रोजमर्रा की आदतों का भी खास ध्यान रखते है।

वास्तु और धार्मिक परंपरओं में झाड़ू और पोछे को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं। घर की सफाई किस समय करनी चाहिए, झाड़ू कहां रखनी चाहिए और पोछा लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसे लेकर विशेष साबधानियां बताई गई हैं। छोटी लगने वाली ये बातें घर के वातावरण और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखी जाती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नियम।

सूर्योदय से पहले झाड़ू लगाने का नियम

घर की सफाई के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है। कोशिश करें कि सूर्योदय से पहले घर में झाड़ू लगा ली जाए। ब्रह्म मुहूर्त के आसपास की गई सफाई से घर में जमा धूल-मिट्टी और अव्यवस्था दूर होती है । धार्मिक दृष्टि से भी दिन की शुरुआत स्वच्छ और व्यवस्थित वाता वरण से करना शुभ माना है।

सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से बचें

शाम ढलने के बाद घर में झाड़ू लगाने से बचना चाहिए। धार्मिक परंपराओं में इस समय को देवी-देवताओं की आरधना और दीप प्रज्ज्वलन का समय माना गया है। यदि किसी जरूरी वजह से शाम को सफाई करनी पड़े, तो कचरे को रात में घर से बाहर फेंकने से बचें। उसे सुबह बाहर करना बेहतर माना जाता है।

झाड़ू को सही जगह रखना भी जरूरी

घर में झाड़ू को लेकर भी कुछ खास सावधानियां बरतने की बात कही गई है। इसे ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां आने-जाने वाले लोगों की नजर सीधे उस पर न पड़े। झाड़ू को खुले में रखने के बजाय किसी उचित स्थान पर संभालकर रखाना बेहतर है।इसे खड़ा करके रखने की बजाय जमीन पर सीधा लिटाकर रखना चाहिए। झाड़ू को उल्टा या गलत तरीके से रखने को घर के लिए शुभ नहीं माना जाता। साफ-सफाई के इस साधन को सम्मान के साथ रखने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

नमक वाले पानी से पोछा लगाने की परंपरा

घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा नमक मिलाने की परंपरा भी प्रचलित है। इसके लिए सामान्य नमक या सेंधा नमक इस्तेमाल किया जा सकता है। खास तौर पर घर के फर्श की सफाई के दौरान नमक का पानी इस्तेमाल करने से वातावरण साफ और ताजा महसूस होता है। धार्मिक परंपराओं में नमक को नकारात्मकता दूर मकरने से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए कई घरों में समय-समय पर नमक मिले पानी से फर्श साफ करने की सलाह दी जाती है।

गुरुवार को पोछा लगाने से क्यों बचते हैं?

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है। इसी वजह से इस दिन घर की कुछ विशेष सफाई से जुड़े कामों को टालने की परंपरा है। खासकर ईशान कोन यानी उत्तर-पूर्व दिशा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही जाती है।कई परिवारों में गुरुवार को पोछा लगाने से बचने की परंपरा आज भी कामय है। इसके पीछे धार्मिक और वास्तु संबंधी धारणाएं जुड़ी हुई हैं।