रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश में धार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक ही परिवार के 3 सदस्यों ने थाने के सामने सुसाइड करने की कोशिश की। महिला समेत घर के तीनों सदस्यों ने चूहा मारने की दवा खा ली। पूरा विवाद अवैध शराब पकड़वाने से जुड़ा बताया जा रहा है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दरअसल, पूरा मामला मनावर थाने के सामने का है जहां अवैध शराब को पकड़वाने के बाद विवाद का बताया जा रहा है। मनावर के पास सिरसी बयडी पुरा ग्राम में आज ग्रामीणों ने एक बिना नंबर की बाइक पर गांवो में अवैध शराब सप्लाई करते हुऐ दो युवको को पकड़ा था। साथ ही पुलिस की डायल 112 बुलाकर उनके सुपुर्द किया गया था। मामले को लेकर गणपूर के विनोद जयसवाल ने बताया कि गांव में शराब पकड़वाने से नाराज मनावर के ठेकेदार के मेनेजर कमलेश राठोर बिना नंबर की तीन बुलेरो से 10 से 15 लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और पिता-माता ओर भाई को जान से मारने की धमकी दी।
धमकी के बाद ठेकेदार के खिलाफ जब पीड़ित परिवार मनावर थाने पर एफआइआर करने गया था। लेकिन आरोप हे कि थाने पर परिवार की सुनवाई नही होने पर थाना परिसर के बाहर जयसवाल परिवार के तीन सदस्यों ने चूहां मार दवाई खाकर जान देने की कोशिश की गई। इस दौरान पुलिस डायल 112 की मदद से सिविल अस्पताल मनावर में उपचार के लिए पहुचाया गया।
डॉक्टर हिंमाशू पटेल ने महिला चिंताबाई जयसवाल (50), नरेन्द्र जयसवाल (55) और अनिल जयसवाल (27) को बड़वानी रेफर किया है। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी ब्रजेश कुमार मालवीया मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता पीड़ितो का उपचार है। मामले की जांच जारी है।
एडिशनल एसपी विजय डाबर मामले की सूचना मिलते ही मनावर थाने पर पहुंचे जहां उन्होंने बताया कि आबकारी एक्ट में FIR दर्ज किया गया था। इसी बात को लेकर शराब ठेकेदार और विनोद नरेंद्र जायसवाल के बीच कहा-सुनी हो गई। विनोद जायसवाल उनके पिता और उनके भाई इसी बात की रिपोर्ट लिखाने आए थे। दोनों ही पक्षों को सुना जा रहा था, इस दौरान उन्होंने चूहा मार दवाई खा ली, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है। कार्रवाई की जाएगी।

