अनिल सक्सेना, रायसेन। सुल्तानपुर नगर परिषद क्षेत्र में बाघों की सक्रियता अब आम बात होती जा रही है, जिससे वहां के रहवासियों में भारी दहशत है। ताजा मामला नगर परिषद के कचरा संग्रहण केंद्र का है, जहां रात के अंधेरे में कचरा खाली करने गए दो कर्मचारियों के ठीक सामने बाघ आ गया।
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इलाके में बढ़ती दस्तक, कर्मचारियों में दहशत
इस क्षेत्र में बाघ का दिखना अब ‘आए दिन’ की बात हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे हर रात जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि नगर परिषद कर्मचारी महेंद्र भूरठ और मुकेश जब कचरा खाली करने पहुंचे, तो बाघ वहां चहलकदमी कर रहा था।
कर्मचारियों ने दिखाई सूझ-बूझ
ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे कर्मचारियों ने बाघ के हमले से बचने के लिए सूझबूझ दिखाई। उन्होंने अपने वाहन की लाइट बाघ की ओर कर दी, जिसके बाद बाघ दूसरी ओर जाने लगा। कर्मचारियों ने लाइट की रोशनी तब तक बनाई रखी जब तक बाघ आंखों से ओझल नहीं हो गया। इस दौरान उन दोनों ने बाघ के मूवमेंट का वीडियो भी बना लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड और आसपास के इलाकों में बाघ की लगातार मौजूदगी से अब रात ही नहीं दिन में भी डर का माहौल है।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है?
बाघ के बार-बार दिखने के बावजूद, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से कर्मचारियों में रोष है। वन विभाग ने फिलहाल केवल ‘सावधानी बरतने’ और ‘अकेले न जाने’ की सलाह देकर औपचारिकता पूरी की है। लेकिन सवाल यह है कि यदि बाघ रिहाइशी सीमा या ड्यूटी पर तैनात निहत्थे कर्मचारियों पर हमला करता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
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घर से बाहर अकेले न निकले: वन विभाग
वन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि रात के समय ट्रेंचिंग ग्राउंड की तरफ अकेले न जाएं और हमेशा समूह में रहें। बाघ की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।

