तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स गए प्रधानमंत्री मोदी को रविवार के दिन वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया. यह सम्मान प्रधानमंत्री को पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में नेतृत्व करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए लिए दिया गया है. बता दें कि, पीएम मोदी को मिला यह 34वां सर्वोच्च सम्मान है। हालांकि, इस सम्मान को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है.

इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा ने तंज कस दिया है. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि माननीय PM जी को अवॉर्ड्स बहुत पसंद हैं. उन्हें विदेश घूमना बहुत पसंद है. उन्होंने हमारे पैसे से सेशेल्स को 500 करोड़ की ग्रांट और 1250 करोड़ का क्रेडिट दिया, जिसने खुशी-खुशी उन्हें गलत स्पेलिंग वाला सर्टिफिकेट दे दिया.

महुआ मोइत्रा ने एक्स पोस्ट पर एक सर्टिफिकेट पर लगे मुहर की तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें अंग्रेजी में सेशेल्स की नाम गलत स्पेल की गई है. Seychelles की जगह मुहर पर Seycheeles लिखा हुआ है. इसी बात पर महुआ मोइत्रा की नजर गई और उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साध दिया. महुआ मोइत्रा का यह बयान ऐसे समय में आया है बंगाल में बीजेपी की सरकार है और इसके बाद टीएमसी में लगातार उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है. इस बीच 19 विधायक और कई सांसद बागी हो गए है और वे पार्टी से अलग हो चुके हैं.

प्रधानमंत्री बोले- दोनों देश मिलकर सफलता की दौड़ जीतेंगे

प्रधानमंत्री ने भारत-सेशेल्स साझेदारी को ‘स्थिर, मजबूत और दीर्घकालिक’ बताते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर सफलता की दौड़ जीतेंगे। उन्होंने कहा, “सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान के लिए सेशेल्स को कहा धन्यवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान के लिए सेशेल्स का धन्यवाद किया और इसे उन देशों को समर्पित किया जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से लड़ रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान प्राप्त करने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मुझे ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से सम्मानित करने के लिए सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति हर्मिनी का हृदय से आभारी हूं.’

उन्होंने कहा, ‘मैं विनम्रतापूर्वक इस सम्मान को स्वीकार करता हूं और इसे उन सभी देशों को समर्पित करता हूं, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी मानते हैं. यह एक गंभीर चुनौती है, जिसका हमें मिलकर सामना करना होगा.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ‘पृथ्वी को अधिक हरित’ बनाने के लिए हरसंभव योगदान देने को तैयार है.

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