आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर ब्लॉक के कुमली पंचायत में वन भूमि पर खेती को लेकर वन विभाग और किसानों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। वन विभाग ने करीब 6 हेक्टेयर यानी 15 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई की है।
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आरोप है कि चार लोगों ने वन भूमि पर कब्जा कर मक्के की फसल लगाई थी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर चलवाकर खड़ी मक्के की फसल को नष्ट कर दिया। विभाग का कहना है कि कार्रवाई अवैध अतिक्रमण के खिलाफ की गई है और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। लेकिन दूसरी तरफ किसान इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।

किसानों का दावा है कि इस इलाके में करीब 100 किसान लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। किसान हेमलाल पांडे के मुताबिक, पंचायत की बैठक में खड़ी फसल के लिए तीन महीने की मोहलत देने का प्रस्ताव भी पारित हुआ था। इसके बावजूद खेतों में लगी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया गया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है।
किसानों का कहना है कि अगर अतिक्रमण है तो कार्रवाई सभी के पुराने रिकॉर्ड और जमीन की स्थिति की जांच के आधार पर होनी चाहिए। वहीं वन विभाग का कहना है कि फिलहाल मिली सूचना के आधार पर चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
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