Business Desk – Traffic Rules Update : अगर आप वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो आने वाले समय में सिर्फ चालान भरने से बात नहीं बनेगी. केंद्र सरकार ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है.

इसके तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को डिजिटल चेतावनी (Digital Warning) जारी की जाएगी, जो सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा होगी. यदि चालक भविष्य में उसी नियम का दोबारा उल्लंघन करता है, तो पहले मिली चेतावनी को भी कार्रवाई के दौरान ध्यान में रखा जाएगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स में बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया है. फिलहाल इन प्रस्तावित नियमों पर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं.

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर क्या बदलेगा?

सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, जिन मामलों में चेतावनी देना उचित होगा, वहां ऑनलाइन डिजिटल चेतावनी जारी की जाएगी. यह चेतावनी ई-चालान की तरह सरकारी पोर्टल पर दर्ज होगी. यानी पहली गलती भी डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाएगी और भविष्य में उसी उल्लंघन की पुनरावृत्ति होने पर इसका असर पड़ सकता है.

पहली चेतावनी भी बनेगी रिकॉर्ड

ड्राफ्ट के अनुसार, पहली बार जारी की गई चेतावनी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. यदि कोई चालक बाद में उसी ट्रैफिक नियम का फिर उल्लंघन करता है, तो पहले जारी की गई डिजिटल चेतावनी को उसके पुराने रिकॉर्ड के रूप में देखा जाएगा. इससे दोबारा गलती करने वालों पर अधिक सख्त कार्रवाई की जा सकती है.

अगर संबंधित व्यक्ति डिजिटल चेतावनी स्वीकार कर लेता है या उसकी आपत्ति को अधिकारी खारिज कर देते हैं, तो वह चेतावनी अंतिम मानी जाएगी और सरकारी रिकॉर्ड में बनी रहेगी.

ट्रैफिक मामलों की ऑनलाइन सुनवाई का प्रस्ताव

सरकार ने ट्रैफिक मामलों की सुनवाई को भी डिजिटल बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे माध्यमों से ऑनलाइन सुनवाई की जा सकेगी. नियम लागू होने के छह महीने के भीतर राज्यों को जरूरी डिजिटल व्यवस्था तैयार करनी होगी और संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी.

प्रस्ताव के अनुसार, सुनवाई पूरी होने के 30 दिनों के भीतर अधिकारी को फैसला देना होगा. यदि कोई व्यक्ति फैसले के खिलाफ अपील करता है, तो उस पर भी 30 दिनों के भीतर निर्णय देना अनिवार्य होगा. समयसीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर 5,000 से 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

चालान नहीं भरा तो अटक सकते हैं कई काम

सरकार ने एक और बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है. यदि किसी वाहन का ई-चालान तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी जमा नहीं किया जाता, तो उस वाहन से जुड़े कई जरूरी काम रोक दिए जा सकते हैं.

वाहन के रजिस्ट्रेशन से जुड़े आवेदन.
ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित आवेदन.
वाहन से जुड़ी अन्य ऑनलाइन सेवाएं.

इतना ही नहीं, संबंधित वाहन को पोर्टल पर “Not to be Transacted” यानी लेन-देन के लिए प्रतिबंधित भी किया जा सकता है. हालांकि, यदि मामला अदालत या संबंधित प्राधिकरण के पास लंबित है, तो यह रोक लागू नहीं होगी.

अभी मांगे गए हैं सुझाव

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इन प्रस्तावित नियमों पर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं. ड्राफ्ट जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर सुझाव भेजे जा सकते हैं. इसके बाद सरकार अंतिम नियमों को अधिसूचित करेगी.

लागू होने पर क्या होगा असर?

यदि ये नियम लागू होते हैं, तो ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा. इससे बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान होगा. साथ ही ई-चालान, सुनवाई और अपील जैसी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और तेज हो जाएंगी.