Business Desk – TRAI Recharge Rules 2026 : मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी राहत की तैयारी है. जल्द ही बिना डेटा वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान सस्ते हो सकते हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का ड्राफ्ट जारी किया है. इसमें प्रस्ताव है कि जो ग्राहक इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें डेटा का पैसा नहीं देना पड़े.

TRAI ने इस मसौदे पर टेलीकॉम कंपनियों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं. प्रस्ताव लागू होने के बाद कंपनियों को डेटा प्लान की तरह ही समान वैधता वाले ‘केवल कॉल और SMS’ प्लान भी लॉन्च करने होंगे. इससे फीचर फोन यूजर्स, बुजुर्गों और दूसरी सिम रखने वाले लाखों ग्राहकों को सीधा फायदा मिल सकता है.

क्या है TRAI का नया प्रस्ताव?

फिलहाल टेलीकॉम कंपनियां सीमित अवधि के लिए ही ‘केवल कॉल और SMS’ वाले प्लान उपलब्ध कराती हैं. ऐसे में जिन लोगों को इंटरनेट की जरूरत नहीं होती, उन्हें भी मजबूरी में डेटा वाला महंगा रिचार्ज कराना पड़ता है.

TRAI ने प्रस्ताव दिया है कि कंपनियां जितनी वैधता वाले डेटा प्लान (जैसे 7, 28, 56 या 84 दिन) उपलब्ध कराती हैं, उतनी ही अवधि के ‘केवल कॉल और SMS’ वाले प्लान भी उपलब्ध कराएं. इससे ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक प्लान चुन सकेंगे.

कितनी कम हो सकती हैं कीमतें?

मोबाइल रिचार्ज प्लान की कुल कीमत में डेटा की हिस्सेदारी करीब 50 से 70 प्रतिशत तक होती है. ऐसे में यदि डेटा हटा दिया जाता है, तो सिर्फ कॉल और SMS वाले प्लान की कीमत काफी कम हो सकती है. उदाहरण के तौर पर, यदि कोई डेटा प्लान 300 रुपए का है, तो उसी अवधि का केवल कॉल और SMS वाला प्लान करीब 100 से 150 रुपए में मिल सकता है. हालांकि, अंतिम कीमत तय करने का अधिकार टेलीकॉम कंपनियों के पास रहेगा.

किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस प्रस्ताव का सबसे ज्यादा फायदा फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों, बुजुर्गों और उन लोगों को होगा जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते. इसके अलावा, जो लोग दूसरी सिम केवल कॉलिंग के लिए रखते हैं या जिनके घर और ऑफिस में पहले से वाई-फाई उपलब्ध है, वे भी कम कीमत वाले प्लान का लाभ उठा सकेंगे.

ट्रूकॉलर जैसे ऐप जरूरी कॉल ब्लॉक नहीं कर सकेंगे

TRAI ने अपने ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रूकॉलर जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप 1600 और 140 सीरीज के नंबरों से आने वाली जरूरी कॉल्स को ब्लॉक नहीं कर पाएंगे. 1600 सीरीज के नंबर बैंक, RBI, SEBI जैसे वित्तीय संस्थानों और सरकारी सेवाओं के लिए निर्धारित हैं, ताकि लोग जरूरी लेनदेन और आधिकारिक कॉल आसानी से पहचान सकें.

वहीं, 140 सीरीज के नंबर प्रमोशनल और विज्ञापन संबंधी कॉल्स के लिए होते हैं. यदि कोई ग्राहक इन्हें नहीं लेना चाहता, तो वह DND (डू नॉट डिस्टर्ब) सेवा के जरिए इन्हें बंद करा सकता है.

नियम लागू होने से पहले मांगे गए सुझाव

TRAI ने फिलहाल इस प्रस्ताव का ड्राफ्ट जारी किया है और सभी संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं. सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बाद टेलीकॉम कंपनियों को नए नियम लागू करने के लिए कुछ समय दिया जाएगा. माना जा रहा है कि इससे कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार सस्ते मोबाइल रिचार्ज प्लान चुनने का विकल्प मिलेगा.