परवेज खान, यमुनानगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यमुनानगर जिले के छछरौली स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम जसपाल गिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ बीडीपीओ कार्तिक चौहान, भाजपा मंडल अध्यक्ष गौरव गोयल, सरपंच प्रतिनिधि संजीव सैनी और भाजपा मीडिया प्रभारी कपिल मनीष गर्ग ने भी पौधारोपण किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। एसडीएम जसपाल गिल ने कहा कि बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करना समय की जरूरत है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यमुनानगर जिले के छछरौली स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छछरौली के एसडीएम जसपाल गिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर बीडीपीओ कार्तिक चौहान, भाजपा मंडल अध्यक्ष गौरव गोयल, सरपंच प्रतिनिधि संजीव सैनी, भाजपा मीडिया प्रभारी कपिल मनीष गर्ग सहित कई गणमान्य लोगों ने भी पौधारोपण किया। वन विभाग की छछरौली रेंज के अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण गंभीर चिंता
एसडीएम जसपाल गिल ने कहा कि बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे में पौधारोपण करना न केवल एक सराहनीय कार्य है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी जरूरी है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास
उन्होंने कहा कि यदि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास किए जाएं, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पृथ्वी दी जा सकती है। साथ ही लोगों से अपने आसपास खाली स्थानों पर पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के रेंजर बलजीत सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1972 में राष्ट्र संघ ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का निर्णय लिया था। भारत में पहली बार वर्ष 1973 में यह दिवस मनाया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग पौधारोपण अभियानों से जुड़ रहे हैं।

