राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके कोहाट एन्क्लेव से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. दिल्ली के कोहाट एन्क्लेव में झारखंड की एक आदिवासी लड़की को 15 साल की उम्र से 17 साल तक बंधक बनाकर रखा गया, जिसकी दर्दनाक कहानी किसी भी मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। इस लंबी अवधि में उसके साथ न केवल जानवरों जैसी यातनाएँ दी गईं, बल्कि तीन बार बलात्कार किया गया और जबरन गर्भपात भी कराया गया।

परिजनों और विभिन्न एनजीओ की मदद से आखिरकार उसे आज़ादी मिल सकी है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी कारोबारी के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली के कोहाट एन्क्लेव में झारखंड की एक आदिवासी युवती को 17 साल तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान पीड़िता का शारीरिक शोषण हुआ, तीन बार बलात्कार किया गया और जबरन गर्भपात कराया गया. परिजनों और एनजीओ के हस्तक्षेप के बाद उसे मुक्त कराया जा सका. पुलिस ने दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता जब महज 15 साल की थी, तब उसके पड़ोसी गांव का एक शख्स उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाया था. उसे कोहाट एन्क्लेव के एक कारोबारी के घर घरेलू काम के लिए छोड़ दिया गया. परिजनों से संपर्क पूरी तरह तोड़ने के लिए मालिक ने युवती के पास मौजूद मोबाइल नंबरों वाला कागज तक जला दिया. इस लंबी कैद के दौरान पीड़िता के पिता की मौत हो गई, लेकिन उसे अंतिम दर्शन तक के लिए घर नहीं जाने दिया गया.

पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कारोबारी की बेटी की शादी में आए एक हलवाई ने उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया. जब वह गर्भवती हुई, तो कारोबारी की बेटी और बहू ने जबरन उसका गर्भपात करा दिया. जुल्म यहीं नहीं रुका, बाद में एक पड़ोसी नौकर ने भी उसे अपनी हवस का शिकार बनाया. सीसीटीवी में सबूत होने के बावजूद कारोबारी परिवार ने मामले को दबा दिया और पीड़िता को ही चुप रहने के लिए पीटा गया.

पिछले साल नवंबर में पीड़िता के भाई-बहन एनजीओ की मदद से वहां पहुंचे, लेकिन कारोबारी ने महज 15 हजार रुपये देकर उन्हें डरा-धमका कर भगा दिया. हार न मानते हुए परिजन 9 अप्रैल को दोबारा कोठी पहुंचे और युवती को साथ ले जाने की जिद पर अड़ गए. भारी दबाव के बीच कारोबारी ने 17 साल की मजदूरी के नाम पर उसे 1.70 लाख रुपये देकर मुक्त किया.

आजाद होने के बाद, पीड़िता ने सबके सामने अपनी कहानी रखी और सुभाष प्लेस थाना पुलिस में FIR दर्ज कराई है। इस मामले ने एक बार फिर मानवता को झकझोर कर रख दिया है और दिल्ली समेत पूरे देश में इस तरह के जघन्य अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। 

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