भोपाल: संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने शायर-ए-इनसानियत पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र की स्मृति में मध्यप्रदेश शासन द्वारा एक प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार स्थापित करने की घोषणा की है। मंत्री लोधी ने सोमवार को दिवंगत शायर डॉ. बशीर बद्र के परिवार से उनकी भोपाल स्थित निवास पर मुलाकात की और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने डॉ. बशीर बद्र के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उर्दू शायरी को नई ऊँचाइयाँ दी हैं और उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों के दिलों में सदैव जीवंत रहेंगी।
संस्कृति मंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि डॉ. बशीर बद्र के नाम पर एक साहित्यिक पुरस्कार स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उनकी साहित्यिक विरासत को संरक्षित रखना और युवा पीढ़ी को उनकी रचनाओं से प्रेरणा मिलती रहे।” डॉ. बशीर बद्र उर्दू साहित्य जगत के प्रमुख हस्ताक्षर थे। उनकी शायरी ने न सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान और विश्व भर के उर्दू प्रेमियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। ‘दोस्ती’, ‘आपके नाम’, ‘गुलशन-ए-बद्र’ जैसी रचनाएँ आज भी बेहद लोकप्रिय हैं। परिवार की ओर से मंत्री लोधी के इस संवेदनशील कदम का स्वागत किया गया है। परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी का आभार व्यक्त किया।

