कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। देश में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और ईंधन बचाने की PM मोदी की अपील के बीच मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से प्रभावित एक व्यक्ति ने अपनी बाइक बेचकर साइकिल खरीद ली और अब वो दतिया से दिल्ली तक साइकिल पर मोदी अपील यात्रा पर निकल पड़ा है। इस यात्रा का मकसद है,लोगों को पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करना।
दतिया से दिल्ली तक की साइकिल यात्रा
दरअसल दतिया जिले के इंदरगढ़ के रानीपुरा गांव के रहने वाले रौशन सिंह राजपूत ,जो इन दिनों “मोदी अपील यात्रा” पर निकले हैं,रौशन सिंह ने दतिया की पीतांबरा पीठ से अपनी यात्रा शुरू की है और उनका अंतिम पड़ाव होगा दिल्ली का इंडिया गेट। खास बात ये है कि रौशन ये पूरी यात्रा अकेले सायकल से तय कर रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रौशन जहां भी रुकते है वह छोटे स्पीकर के जरिए लोगों को पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं। उनका कहना है कि अगर देश का हर नागरिक प्रधानमंत्री मोदी की अपील से जुड़ेगा तो ना सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि देश का रुपया मजबूत होगा जिससे अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। रोशन का यह भी कहना है कि वह प्रधानमंत्री मोदी जी से बहुत प्रभावित है, उन्होंने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की थी, बस तभी उन्होंने तय किया कि वह भी लोगों को जागरूक करेंगे, इसके लिए अपनी बाइक बेच दी और सायकल खरीदकर यात्रा शुरू कर दी।
रोशन के इस प्रयास को लोग भी सराह रहे है, उनको सुनने के बाद वह कह रहे है कि वह भी पेट्रोल डीजल की बचत के साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए भी प्रयास करेंगे। फतह खान का कहना है कि मोदी जी ने जो अपील की है वह सही की है, सभी उनके साथ है।
कितना होगा अपील का असर
दिलचस्प बात ये है कि रौशन सिंह इससे पहले कभी लंबी दूरी तक साइकिल नहीं चलाए थे,लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के प्रति लगाव और देशहित की भावना ने उन्हें इस सफर पर निकलने का हौसला दिया। अब रौशन का लक्ष्य है, दिल्ली पहुंचकर इंडिया गेट पर लोगों को इस अभियान से जोड़ना। एक तरफ जहां लोग बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर परेशान हैं, वहीं दतिया का ये आम व्यक्ति प्रधानमंत्री मोदी की अपील को अपना मिशन बनाकर सायकल से दिल्ली तक निकल पड़ा है। अब देखना होगा कि रौशन सिंह की ये ‘मोदी अपील यात्रा’ कितने लोगों को ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर पाती है।

