राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि मध्य प्रदेश जल्द ही यूसीसी (UCC) लागू करने वाला देश का अगला राज्य बनने जा रहा है। सीएम ने साफ किया कि राज्य सरकार ‘एक निशान, एक विधान और एक कानून’ की राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ रही है लेकिन इसमें प्रदेश के जनजातीय समुदाय के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
ये भी पढ़ें : राज्यसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में मंथन: सीएम मोहन यादव ने राष्ट्रीय नेतृत्व से की चर्चा, 1-2 दिन में नाम तय!
रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव न बताया कि मध्य प्रदेश में यूसीसी के ड्राफ्ट और इसके क्रियान्वयन को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। जिसके लिए उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है।
यह समिति फिलहाल जिला स्तर पर जाकर समाज के सभी वर्गों, धर्मों और समुदायों के लोगों से मुलाकात कर रही है और उनकी राय व सुझाव ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बहुत ही खुले विचार और खुले हृदय के साथ इस दिशा में काम कर रहे हैं।
जनजातीय समुदाय को UCC से रखा जाएगा बाहर
इस पूरे कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि मध्य प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों को यूसीसी (UCC) के दायरे से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि आदिवासी समाज को उनके पारंपरिक रीति-रिवाज, संस्कृति और सामाजिक नियमों को पहले की तरह ही मानने की पूरी स्वतंत्रता होगी। उनके अधिकारों और परंपराओं पर इस कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा।
ये भी पढ़ें : दिल्ली अग्निकांड से भी नहीं लिया सबक! सिंगरौली के होटल में फटा गैस सिलेंडर, 1 घंटे लेट पहुंची फायर ब्रिगेड
एमपी को अव्वल बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मध्य प्रदेश को देश के सभी क्षेत्रों में अव्वल राज्य बनाने के संकल्प के साथ चौतरफा कार्य कर रहे हैं। यूसीसी लागू होना इसी दिशा में एक बड़ा और मजबूत कदम होगा।

