तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस मामले में उनके खिलाफ 6 धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
रैली में लगे ‘तृषा’ के नारे, बयान बना विवाद की वजह
सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक रैली के दौरान उदयनिधि स्टालिन मौजूद थे। इसी दौरान भीड़ में “तृषा, तृषा” के नारे लगाए गए। आरोप है कि इस पर उन्होंने कहा, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए।” इस बयान को अभिनेत्री तृषा से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। हालांकि, उदयनिधि ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा कावेरी नदी के पानी की ओर था, न कि किसी व्यक्ति की ओर।
अग्रिम जमानत से पहले हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तारी से बचने के लिए उदयनिधि स्टालिन ने मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। लेकिन अदालत में सुनवाई होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
विजय, तृषा और चुनावी चर्चा
4 मई को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित हुए, जिसमें TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतने का दावा किया। उसी दिन अभिनेत्री तृषा का जन्मदिन भी था। चुनाव परिणाम से पहले उन्होंने तिरुमाला मंदिर में दर्शन किए और बाद में अभिनेता-राजनेता विजय से मुलाकात की। विजय और तृषा की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री पहले भी चर्चा में रही है, खासकर फिल्म ‘लियो’ के बाद।
कावेरी जल विवाद क्या है?
कावेरी जल विवाद कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच नदी के पानी के बंटवारे को लेकर दशकों पुराना मुद्दा है। तमिलनाडु का कहना है कि समय पर पानी नहीं मिलने से किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं, जबकि कर्नाटक कम बारिश वाले वर्षों में पानी छोड़ने में असमर्थता जताता है। TVK ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में तमिलनाडु के जल अधिकारों की रक्षा और राज्य के हिस्से का पानी सुनिश्चित कराने का वादा किया था।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


