प्रदीप मालवीय, उज्जैन। महाकाल मंदिर क्षेत्र स्थित मां पीतांबरा होटल रेजिडेंसी में फायर सेफ्टी जांच के दौरान नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी से बुधवार को की गई मारपीट के मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। एक ओर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर घटना का विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं शाम को नगर निगम का अमला बुलडोजर लेकर होटल पहुंच गया। करीब दो घंटे तक मौके पर हाई वोल्टेज हंगामा चलता रहा। बाद में नगर निगम ने होटल को सील कर दिया।
नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस बल और महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की गई। निगम अधिकारियों का कहना था कि होटल का कुछ हिस्सा अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है और पहले दिए गए नोटिस और सर्वे के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।कार्रवाई के दौरान होटल संचालक और उनके परिजनों ने विरोध किया।
होटल मालिक ने फायर सेफ्टी अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच के दौरान अधिकारियों ने अभद्र व्यवहार किया था, जिसके बाद उनके बेटे की अधिकारी से झड़प हुई। उनका आरोप है कि प्रशासन उनके खिलाफ बदले की भावना से बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है और नगर निगम ने भी उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे को पुलिस के सामने पेश कर दिया गया है, इसके बावजूद यह कार्रवाई की जा रही है।
विरोध बढ़ने पर पुलिस ने स्थिति संभाली। मौके पर मौजूद महिलाओं को पीसीआर वाहन के जरिए वहां से हटाया गया, जिसके बाद नगर निगम की कार्रवाई आगे बढ़ सकी।
इधर, महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि बुधवार को फायर सेफ्टी जांच के दौरान हुए विवाद में नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी के साथ मारपीट की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अपनी वैधानिक कार्रवाई कर रहा है और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात है। होटल पक्ष की ओर से यदि कोई लिखित शिकायत दी जाती है तो उसकी भी नियमानुसार जांच की जाएगी।
वहीं नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि शासकीय कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी के विरोध में सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। अधिकारियों के अनुसार होटल के संबंध में पहले से सर्वे और नोटिस की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी। भवन में निर्धारित सेटबैक और बिल्डिंग लाइन का उल्लंघन पाए जाने के कारण नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि भवन संबंधी नियमों के उल्लंघन के आधार पर की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जयसिंहपुरा क्षेत्र में करीब दो घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम ने अंततः होटल को सील कर दिया। मामले को लेकर प्रशासन और होटल संचालक के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद अब पूरे प्रकरण पर सभी की नजर बनी हुई है।
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