प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मां शिप्रा के संरक्षण, शुद्धिकरण और धार्मिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 25 और 26 मई को दो दिवसीय “क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा” का आयोजन किया जाएगा। गंगा दशमी के अवसर पर आयोजित होने वाली इस परिक्रमा को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति ने तैयारियां तेज कर दी है।
आयोजन समिति के अनुसार, यह परिक्रमा वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के महत्व से अवगत कराना है। यात्रा के दौरान साधु-संतों और वैज्ञानिकों की एक टीम भी साथ चलेगी, जो क्षिप्रा नदी की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी। इसके आधार पर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा, ताकि नदी के शुद्धिकरण, संरक्षण और कटाव रोकने से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सके।
25 मई को परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ
समिति का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से बनाए जा रहे 29 किलोमीटर लंबे घाट भी क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा योजना की सोच का हिस्सा है। शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर घाट बनने से कटाव रुकेगा और नदी में मिट्टी जमने की समस्या में भी कमी आएगी। वहीं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 25 मई को राम घाट पर विधिवत पूजन के साथ परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ होगा।
CM डॉ मोहन होंगे शामिल
इसके बाद यात्रा विभिन्न घाटों और धार्मिक स्थलों से होती हुई शनि मंदिर क्षेत्र तक पहुंचेगी, जहां पहले दिन का विश्राम रहेगा। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन यात्रा पुनः प्रारंभ होगी और विभिन्न धार्मिक स्थलों से गुजरते हुए वापस रामघाट पहुंचेगी। शाम लगभग 5 बजे मां क्षिप्रा की पूजा, चुनरी अर्पण और जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल होंगे।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु होंगे शामिल
कलेक्टर ने कहा कि यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और पूरे आयोजन को धार्मिक एवं भावनात्मक वातावरण के साथ भव्य रूप दिया जाएगा। प्रशासन के सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार तैयारियों में जुटे हुए हैं और आमजन का भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों की तरह इस बार भी यात्रा को भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा।
प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर की भजन संध्या
आपको बता दे कि 26 मई को यात्रा रंजीत हनुमान, काल भैरव, अंगारेश्वर महादेव, मंगल नाथ, शांतिपुरी आश्रम, राम-जानार्दन मंदिर, गढ़कालिका और भर्तृहरि गुफा होते हुए वाल्मीकि धाम पहुंचेगी। जहां भोजन के बाद गाड़ी, घोड़े और बग्गियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगी। यात्रा का समापन रामलीला मैदान में होगा, जहां प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर की भजन संध्या आयोजित की जाएगी।

