देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा और आईटीबीपी के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया. राज्य सरकार धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से नशे के खिलाफ अभियान चला रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास एवं विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है. उन्होंने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव आज का नहीं, बल्कि वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आजादी के बाद पहली बार जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होना इस सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है. जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसी दिशा में कार्य करते हुए जहां एक ओर अटल आवास योजना में हमने आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है, वहीं घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके.
उन्होंने कहा कि सरकार ने ऊधम सिंह नगर में ही इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की है. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है. प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत इस जनपद में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 घरों का निर्माण किया गया है. शिक्षा के क्षेत्र में भी हमारी सरकार जनजातीय समाज को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.
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उन्होंने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि दी गई है, जिससे बच्चों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें. इन आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का काम गतिमान है. इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है. खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है. थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्यीकरण, ऑडिटोरियम का आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है. सरकार, जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता देकर उनके छोटे-छोटे रोजगारों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं. उन्होंने कहा विधानसभा सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है. जनजातीय परिवारों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमने उधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और गति देने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की है.


