परवेज खान, यमुनानगर। यूक्रेन में रूसी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले हरियाणा के यमुनानगर निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ का पार्थिव शरीर कई दिन बाद भी उनके गांव पंजेटो नहीं पहुंच सका है। इस बीच किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सरकार व जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

चढ़ूनी ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से गुरप्रीत के परिजनों को ₹5 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना था कि परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया है, ऐसे में सरकार को आर्थिक सहायता देकर उनका भविष्य सुरक्षित करना चाहिए।

गौरतलब है कि 19 जुलाई को यूक्रेन में हुए रूसी मिसाइल हमले में कुल 10 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल थे। इन्हीं में यमुनानगर के गांव पंजेटो निवासी गुरप्रीत सिंह बाठ भी थे। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद उनका पार्थिव शरीर अभी तक भारत नहीं पहुंच पाया है, जिससे परिवार लगातार इंतजार में है।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी परिवार का हालचाल जानने तक नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था।

गुरप्रीत सिंह की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और उनके परिवार में छह महीने की एक बेटी है। परिवार पहले से ही आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। करीब दस वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में उनके पिता दिव्यांग हो गए थे, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत के कंधों पर थी।

अब पूरा परिवार गुरप्रीत के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा है ताकि उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जा सके। वहीं यह मामला सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।