संजय विश्वकर्मा, उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे इलाकों में एक बार फिर जंगली हाथियों का खौफ देखने को मिल रहा है। टाइगर रिजर्व के पतौर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ‘कालव डबरी’ इलाके में बीती रात करीब 30 जंगली हाथियों के एक बड़े झुंड की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हाथियों के इस झुंड ने देर रात खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

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शाम से ही आबादी के करीब पहुंचा हाथियों का झुंड

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, 30 हाथियों का यह बड़ा झुंड कल शाम से ही रिहायशी इलाकों और गांवों से सटे खेतों के आसपास मंडरा रहा था। रात होते ही हाथियों का झुंड खेतों में दाखिल हो गया और वहां खड़ी फसलों को रौंदना और चट करना शुरू कर दिया। फसलों को बचाने के लिए पूरी रात किसान अपनी जान जोखिम में डालकर लाठी-डंडों, मशालों और शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ने की जद्दोजहद करते नजर आए।

वन विभाग पर लापरवाही का आरोप, मॉनिटरिंग न होने से आक्रोश

हाथियों के लगातार हो रहे हमले से परेशान किसानों का गुस्सा अब वन विभाग पर फूट पड़ा है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीमें जंगली हाथियों की सतत मॉनिटरिंग नहीं कर रही हैं। हाथियों के मूवमेंट पर नजर न रखे जाने के कारण आए दिन झुंड रिहायशी इलाकों और खेतों में पहुंच जाता है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और पूंजी पल भर में बर्बाद हो जाती है।

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ग्रामीणों की मांग: मुआवजा और स्थायी सुरक्षा मिले

हाथियों के लगातार मंडराते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। किसानों ने मांग की है कि हाथियों के झुंड की 24 घंटे ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। हाथियों द्वारा नष्ट की गई फसलों का जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए और गांवों और खेतों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग या अन्य पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

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