गौरव जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल ने आज को गौरेला के गुरुकुल स्थित सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के पीछे एक संगठित माफिया सक्रिय है और सरकार उसे रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। साथ ही उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के हिसाब को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए और कहा कि यदि जवाब नहीं मिला तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

‘पेपर लीक माफिया को रोकने में सरकार नाकाम’
उमेश पटेल ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में लगातार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि यह किसी एक घटना का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में असफल रही है।
राहुल गांधी के संदेश पर छात्रों से किया संवाद
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संदेश के तहत कॉलेजों में छात्रों से सीधा संवाद किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का समर्थन किया। उनके अनुसार, छात्र लगातार निष्पक्ष भर्ती और परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन रोकने पर सरकार को घेरा
उमेश पटेल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जब राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का प्रयास किया, तब पुलिस ने उन्हें रोकने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यालयों पर हुई पत्थरबाजी की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध और आलोचना को स्वीकार करने के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है।
राम मंदिर चंदा मामले पर भी उठाए सवाल
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उमेश पटेल ने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 के बाद राजनीति को धर्म से जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विधानसभा में कांग्रेस ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के माध्यम से इस विषय पर चर्चा की मांग की थी।
उन्होंने कहा, “जब भाजपा विधानसभा में मंदिर निर्माण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव ला सकती है, तो फिर चंदे का हिसाब देने से क्यों बच रही है? हमने और कांग्रेस के कई विधायकों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है। ऐसे में उसके उपयोग का हिसाब मांगना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।”
कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी
उमेश पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) इस पूरे मामले को लेकर रणनीति तैयार कर रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस कार्यकर्ता कथित चंदा अनियमितता, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H


