कुमार इंदर, जबलपुर। देश की आर्थिक प्रगति और सामरिक को बढ़ाने में मध्य प्रदेश अब किसी से पीछे नहीं रहा, सेनाओं की सीमा को मजबूत और सुरक्षित करने का काम कर रही संस्कारधानी जबलपुर की आयुध निर्माणी फैक्ट्रियों के योगदान में बुधवार को एक और पन्ना जुड़ गया। जब जबलपुर के व्हीकल फैक्ट्री में बनाई गई टी 72 ओवरहॉलिंग यूनिट का शुभारंभ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।

जबलपुर में T-72 टैंकों के अत्याधुनिक ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, 472 करोड़ की लागत से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में शुरुआत में हर साल 150 टैंकों की ओवरहॉलिंग होगी, जिसे बढ़ाकर हर साल 200 से 230 टैंकों तक ले जाने का लक्ष्य है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध में टेक्नोलॉजी, AI और साइबर के बढ़ते प्रभाव के बावजूद टैंकों की प्रासंगिकता बनी हुई है। इन्हें समाप्त करने के बजाय आधुनिक बनाने की जरूरत है।

रक्षा उत्पादन व निर्यात में वृद्धि

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि ये टैंक सीमाओं पर ‘आयरन वॉल’ बनकर खड़े हैं। ​वर्ष 2014 में डिफेंस प्रोडक्शन 40,000 करोड़ था, जो अब बढ़कर 1,80,000 करोड़ हो गया है। राजनाथ सिंह ने बताया कि ​डिफेंस एक्सपोर्ट जो 2014 में महज 1,000 करोड़ था, वह 39,000 करोड़ को पार कर चुका है। 2028-29 तक इसे 50,000 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

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राजनाथ सिंह ने कहा कि, ​आत्मनिर्भरता और स्किल: भारत में हुनर की कमी नहीं है, जरूरत युवाओं को आधुनिक तकनीक देने की है। भारत अब रक्षा सामग्री बनाएगा भी, रिपेयर भी करेगा और उनका आधुनिकीकरण भी खुद करेगा। रक्षा मंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से उद्योग, निवेश और रक्षा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में की जा रही सक्रियता और प्रतिबद्धता की सराहना की।

रक्षा उत्पादन में MP की बड़ी छलांग

उन्होंने कहा, “ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025, ‘इन्वेस्ट एमपी 3.0’ के माध्यम से पारदर्शी और सुगम अनुमोदन प्रणाली, और उद्योग-अनुकूल नीतियां राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 3,073 हेक्टेयर भूमि पर रक्षा विनिर्माण की संभावनाएं और 16,960 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश राज्य की दूरदृष्टि को दर्शाते हैं। यह प्रयास मध्य प्रदेश को भारत का अगला प्रमुख रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण केंद्र बनाने की मजबूत नींव रख रहा है।

472 करोड़ की योजना से विकास-रोजगार को मिलेगी नई उड़ान!

​​मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि, क्षेत्रीय विकास और रोजगार: 472 करोड़ की यह योजना मध्य प्रदेश की आर्थिक समृद्धि और स्थानीय रोजगार की दिशा में एक बड़ा कदम है। सीएम ने कहा कि भोपाल के बाद अब जबलपुर भी विकास की रेस में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में 76 हजार करोड़ का निवेश आ रहा है। ​ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पहचान: जबलपुर का नाम रानी दुर्गावती और राजा शंकर शाह के समय से ही गौरवांवित रहा है। ​यह परियोजना भारतीय सेना को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक ‘ट्रस्टेड पार्टनर’ के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध करने वाली होगी।

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