कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी की अचाकन तबीयत खराब हो गई है, जिसके बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पार्टी द्वारा जारी सूचना के अनुसार वो रूटीन जांच के लिए गए हैं।

जबकि सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार जीतन राम मांझी को अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई थी। यही कारण है कि आनन फानन में उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब उनकी स्थिति के सुधार हो रहा है।

आरक्षण मुद्दे को लेकर लगातार कर रहे थे बयानबाजी

गौरतलब है कि इन दिनों जीतन राम मांझी आरक्षण मुद्दे को लेकर लगातार सक्रिय थे। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ उनकी बयानबाजी भी जारी थी। चिराग पासवान का जहां कहना है कि आरक्षण की समीक्षा उन्हें किसी भी किमत पर मंजूर नहीं है। वहीं, मांझी और उनकी पार्टी आरक्षण की समीक्षा के पक्ष में थे।

आरक्षण कोटे में सब-कोटे की मांग

आरक्षण को लेकर चल रहे बहस पर जीतन राम मांझी का कहना है कि, 2024 में सर्वोच्च न्यायालय ने सर्वसम्मति से एक सुझाव दिया, एक निर्णय दिया कि राज्य चाहे तो शेड्यूल कास्ट कोटा में भी सब-कोटा का विभाजन कर सकता है। इसके संबंध में भारत के कई राज्यों में कोटा में भी सब-कोटा की बात की गई है।

SC के आदेश अनुरूप बंटवारे की मांग

जीतन राम मांझी ने कहा कि, इससे फायदा ये हुआ है कि शेड्यूल कास्ट में कोटा का लाभ जो कुछ वर्ग के लोग कई सालों से लेते आ रहे थे, 90 प्रतिशत पोस्ट पर वही लोग हैं और जो लोग आर्थिक व शैक्षणिक दृष्टिकोण से नीचे तबके पर हैं। वे केवल 10 प्रतिशत में सीमित हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, जब पंजाब में बंटवारा नहीं था तो क्लास 1 में 7-8 जातियां थीं, जो 95 प्रतिशत उसका लाभ ले रही थीं, लेकिन जब बंटवारा हुआ तो वो जातियां थीं। वे 45 प्रतिशत पर सिमट गईं। जिसे लाभ नहीं मिल रहा था, उसे भी लाभ मिलना शुरू हो गया। बिहार में भी दलित और महादलित वर्ग बना। उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप आरक्षण में बंटवारा होना चाहिए, जिससे नीचे तबके के वे लोग जो आरक्षण का लाभ नहीं ले पाए, उन्हें लाभ मिल सके।

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