अमृतसर/चंडीगढ़। नगर कौंसिल चुनावों के दौरान अनुसूचित जाति समाज को लेकर की गई एक विवादित टिप्पणी के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू चौतरफा घिरने के बाद बैकफुट पर आ गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर हाथ जोड़कर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शब्दों पर गहरा पछतावा है और वे किसी भी संवैधानिक संस्था के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं।

अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि मैं सभी से हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर माफी मांगता हूं। उस समय परिस्थितियां जो भी रही हों, वह अलग बात है, लेकिन एक जिम्मेदार मंत्री होने के नाते मेरे मुंह से जो शब्द निकले हैं, मैं उनके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। ऐसा नहीं होना चाहिए था।


SC कमीशन के सामने भी लिखित माफी देने को तैयार
केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने आगे कहा कि वे देश की संवैधानिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं। अगर उन्हें अनुसूचित जाति कमीशन के सामने जाकर भी हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी, तो वे जरूर जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कमीशन उन्हें स्पष्टीकरण के लिए तलब करता है, तो वे व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे और जरूरत पड़ने पर लिखित रूप में भी माफीनामा सौंपेंगे।

पंजाब राज्य SC कमीशन का सख्त रुख, SSP से मांगी रिपोर्ट

इस बीच, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति कमीशन ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। कमीशन ने संगरूर के एसएसपी को मामले की गहराई से पड़ताल करने के निर्देश देते हुए आज यानी 1 जून 2026 को सुबह 9 बजे तक जांच रिपोर्ट तलब की है। इसके साथ ही, एसपी संगरूर को व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट के साथ कमीशन के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया है। कमीशन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट पेश नहीं की गई, तो पंजाब राज्य अनुसूचित जाति कमीशन अधिनियम, 2004 की धारा 10(1) के तहत सिविल कोर्ट जैसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।