जाजपुर: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और सूखे जैसे हालात के बीच, इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए ओडिशा के जाजपुर जिले से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है. जिले के कोरेई ब्लॉक के गमहामिया गांव के निवासियों ने भीषण सूखे से निजात पाने और अच्छी बारिश की उम्मीद में एक प्राचीन पारंपरिक अनुष्ठान ‘अंडिरा विवाह’ (दो पुरुषों की प्रतीकात्मक शादी) का आयोजन किया. ग्रामीणों का मानना है कि इस अनोखी परंपरा से बारिश के देवता खुश होते हैं और फसलों को जीवनदान मिलता है.

यह पारंपरिक विवाह 17 जून की शाम को संपन्न हुआ है. स्थानीय युवक जतिन खटुआ बिल्कुल पारंपरिक दूल्हे के लिबास में सजे और फूलों से सजी कार में बारात लेकर निकले. डीजे की धुन पर बारातियों के साथ-साथ खुद दूल्हा भी जमकर थिरकता नजर आया. यह अनोखी बारात जब गांव के सिद्धेश्वरी मंदिर पहुंची, तो वहां ‘दुल्हन’ के रूप में सजे कालांदी नायक पूरी श्रृंगार के साथ उनका इंतजार कर रहे थे.

मंदिर में पंडितों के मंत्रोच्चार और पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह का यह अनुष्ठान पूरा किया गया. इस अनोखी शादी में लक्ष्मण खटुआ ने वर पक्ष (दूल्हे के पिता) और मानगोविंद नायक ने वधू पक्ष (दुल्हन के पिता) की भूमिका निभाते हुए कन्यादान की रस्में पूरी कीं.

इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय सरपंच विष्णु चरण रथ की देखरेख में किया गया. शादी की रस्में पूरी होने के बाद पारंपरिक विदाई गीत गाकर ‘दुल्हन’ को विदा किया गया और मंदिर के पास ही पूरे गांव के लिए एक सामूहिक भोज (दावत) का आयोजन भी हुआ. ग्रामीणों को पूरा भरोसा है कि उनकी यह आस्था रंग लाएगी और क्षेत्र में जल्द ही अच्छी बारिश होगी.