सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आज से विधानसभा के मानसून सत्र (UP Assembly Monsoon Session 2026) की शुरुआत हो रही है. ये सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा. चार दिवसीय इस सत्र में अनुपूरक बजट समेत कई विधायी कार्य मुख्य एजेंडे में शामिल हैं. सत्र से पहले लखनऊ को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है. विधानसभा की सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू करते हुए विधानभवन के चारों ओर करीब 5 किलोमीटर के दायरे में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. पूरे क्षेत्र में 24 घंटे पुलिस की निगरानी रहेगी, जबकि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
पुलिस के अनुसार, विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और अन्य समूहों द्वारा प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. सुरक्षा व्यवस्था के तहत विधानभवन की परिधि में ट्रैक्टर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, बैलगाड़ी, तांगा, भैंसागाड़ी और अन्य धीमी गति के वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. इसके अलावा आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ, गैस सिलेंडर और अन्य घातक सामग्री लेकर आने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है.
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इन मार्गों पर रहेगा सुरक्षा घेरा
पुलिस ने लालबत्ती चौराहा, बंदरियाबाग, गोल्फ क्लब, पार्क रोड, सिविल अस्पताल, अटल चौक, मेफेयर तिराहा, नावेल्टी, आईटीएमएस, बर्लिंग्टन, सदर कैंट, उदयगंज और अब्दुल हमीद चौराहा सहित विधानसभा के चारों ओर के प्रमुख मार्गों को प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र में शामिल किया है. राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानभवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों के ऊपर तथा आसपास के नो-फ्लाइंग जोन में ड्रोन से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. अन्य स्थानों पर भी पुलिस आयुक्त या संयुक्त पुलिस आयुक्त की अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं होगी.
ईको गार्डन के अलावा कहीं नहीं होगा प्रदर्शन
कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा निर्धारित ईको गार्डन के अलावा शहर के किसी भी स्थान पर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी. पूर्व अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोगों के समूह के रूप में सार्वजनिक स्थान पर एकत्र होने या जुलूस निकालने पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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पुलिस ने अभिसूचना के आधार पर ऐसे व्यक्तियों या समूहों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है, जिनसे कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा या सरकारी परिसरों को खतरा होने की आशंका हो. ऐसे लोगों को विधानभवन, लोकभवन और जनभवन के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. विधानसभा सत्र के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी. पुलिस ने चेतावनी दी है कि भ्रामक सूचना, अफवाह, फर्जी खबर या भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ तथ्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि विधानसभा सत्र को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और पूरे सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है.


