लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र (UP Assembly Monsoon Session 2026) से एक दिन पहले रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया. विधान भवन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन जनता की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा मंच है. ऐसे में सभी दल जनहित के मुद्दों को गंभीरता से उठाएं और स्वस्थ चर्चा के जरिए प्रदेश के विकास में सहयोग करें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा और विधान परिषद जनता की आकांक्षाओं की आवाज हैं. इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सदन में मजबूती से रखें. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करें ताकि अधिक से अधिक जनहित के विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके.
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सीएम योगी ने कहा कि स्वस्थ बहस और सकारात्मक संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. इससे न केवल जनता की समस्याओं का समाधान निकलता है, बल्कि विकास योजनाओं को भी नई गति मिलती है. उन्होंने कहा कि सरकार हर रचनात्मक सुझाव का स्वागत करेगी. बैठक की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी राजनीतिक दलों से सदन की मर्यादा बनाए रखने और कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने में सहयोग की अपील की.
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, ओमप्रकाश राजभर, कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, अपना दल (एस) के आर.के. पटेल और राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल बालियान समेत विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त (सोमवार) से शुरू हो रहा है. सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और जनहित से जुड़े विषय सदन में रख सकती है, जबकि विपक्ष महंगाई, कानून-व्यवस्था, किसानों, शिक्षा, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. इसलिए सत्र के हंगामेदार रहने के साथ-साथ कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं.


