लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है. योगी सरकार ने ‘लोकमाता अहिल्या बाई मातृ शक्ति यात्रा योजना’ के तहत वरिष्ठ महिला नागरिकों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दे दी है. यह व्यवस्था आज यानी 28 अगस्त 2026 से लागू हो गई है.
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योजना के प्रस्ताव को राज्यपाल की आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, इस सुविधा का लाभ उत्तर प्रदेश की मूल निवासी 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मिलेगा.
सिर्फ UPSRTC की ऑर्डिनरी बसों में मिलेगा लाभ
निशुल्क यात्रा की सुविधा केवल यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण यानी ऑर्डिनरी बसों में ही मिलेगी. वरिष्ठ महिलाएं यूपीएसआरटीसी की बसों से राज्य के भीतर ही नहीं, बल्कि निगम की बस से दिल्ली, उत्तराखंड और अन्य राज्यों की यात्रा भी कर सकेंगी. हालांकि, दूसरे राज्यों के परिवहन निगमों की बसों में यह सुविधा मान्य नहीं होगी. यानी फ्री यात्रा का लाभ केवल यूपीएसआरटीसी की बस में सफर करने पर ही मिलेगा.
आधार या वोटर आईडी दिखाने पर मिलेगा जीरो फेयर टिकट
यात्रा के दौरान 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिला यात्रियों को अपनी पहचान और उम्र साबित करने के लिए आधार कार्ड या मतदाता पहचान-पत्र दिखाना होगा. परिचालक दस्तावेज का सत्यापन करने के बाद ईटीआईएम मशीन से ‘शून्य मूल्य’ यानी जीरो फेयर टिकट जारी करेगा. इस टिकट में बस नंबर, यात्रा शुरू करने का स्थान और गंतव्य की जानकारी दर्ज होगी. फिलहाल वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त सफर के लिए अलग से स्मार्ट कार्ड बनवाना जरूरी नहीं है.
सरकार देगी मुफ्त यात्रा का पूरा खर्च
मुफ्त यात्रा के कारण परिवहन निगम को होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी. इसके लिए परिवहन निगम हर महीने वरिष्ठ महिलाओं की वास्तविक निशुल्क यात्राओं और देय राशि का सत्यापित विवरण शासन को भेजेगा. आंकड़ों के सत्यापन के बाद शासन परिवहन निगम को प्रतिपूर्ति की राशि जारी करेगा. इससे निगम को होने वाले वित्तीय खर्च का भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा.
भविष्य में स्मार्ट कार्ड से मिल सकती है सुविधा
योजना में आगे चलकर वरिष्ठ महिलाओं के लिए स्मार्ट कार्ड जारी करने का भी प्रावधान किया गया है, लेकिन अभी इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है. भविष्य में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को स्मार्ट कार्ड के लिए बस डिपो, बस अड्डे या ऑनलाइन आवेदन करना पड़ सकता है.
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निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद जारी होने वाले स्मार्ट कार्ड की वैधता पांच साल तक रहने का प्रावधान है. फिलहाल आधार कार्ड या वोटर आईडी के आधार पर ही वरिष्ठ महिलाएं यूपीएसआरटीसी की साधारण बसों में मुफ्त सफर कर सकती हैं.


