आगरा. ताजमहल की नगरी आगरा में यमुना नदी का किनारा अब सिर्फ एक प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि शहर का नया आकर्षण बनने जा रहा है. योगी सरकार ने यमुना तट को पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन और शहरी विकास के मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अमृत 2.0 योजना के तहत झलकारी बाई चौराहे से वेदांत मंदिर तक करीब 3.46 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक रिवर फ्रंट पार्क विकसित किया जाएगा, जो शहरवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी नई सौगात देगा.
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यह परियोजना केवल एक पार्क तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यमुना के प्रदूषित और कचरे से प्रभावित तट को हरित, स्वच्छ और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थल में बदलने का प्रयास होगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 जुलाई को इस परियोजना का शिलान्यास कर चुके हैं और अब निर्माण कार्य को गति दी जा रही है. परियोजना के तहत करीब 1500 मीटर लंबा वॉकिंग पाथ, ओपन जिम, आकर्षक फाउंटेन, आधुनिक लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और बच्चों व परिवारों के लिए मनोरंजन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
इसके अलावा 100 से 150 लोगों की क्षमता वाला ओपन-एयर एम्फीथिएटर भी बनाया जाएगा, जहां छोटे सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे. पार्क में 200 वाहनों की पार्किंग और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए फेंसिंग की भी व्यवस्था होगी. परियोजना का सबसे अहम पहलू पर्यावरण संरक्षण है. यमुना किनारे जमा कचरे को हटाकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा, जबकि प्रदूषित भूमि को फाइटोरेमेडिएशन तकनीक के जरिए पुनर्जीवित किया जाएगा. इसके लिए कैसिया बाइफ्लोरा, बोगनवेलिया, नेरियम ओलियंडर, पाम और अन्य सजावटी पौधों का व्यापक रोपण किया जाएगा. साथ ही ताजमहल की ओर जाने वाले विज़ुअल कॉरिडोर को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि प्राकृतिक और ऐतिहासिक दृश्यावलोकन प्रभावित न हो.
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अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य यमुना तट को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाते हुए इसे शहर के प्रमुख सार्वजनिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है. पार्क बनने के बाद लोगों को मॉर्निंग वॉक, योग, व्यायाम और बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित व आधुनिक स्थान मिलेगा, वहीं आगरा के पर्यटन परिदृश्य को भी नई पहचान मिलेगी. गौरतलब है कि यह परियोजना योगी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों में नदी तटों को केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित न रखकर पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन संवर्धन और सार्वजनिक उपयोग के आधुनिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है. इससे यमुना तट की बदहाल तस्वीर बदलने के साथ आगरा को एक नया हरित और आकर्षक शहरी स्पेस मिलने की उम्मीद है.


