मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष और मुंबई से विधायक अबू आजमी शनिवार को अयोध्या पहुंचे. शहर के नाका स्थित नीलकंठ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने पत्रकारों से खुलकर बातचीत की और वर्तमान राजनीतिक व सामाजिक परिस्थितियों पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने मजबूत गठबंधन की बात कही. साथ ही देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए बड़ा बयान दिया.
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2027 में ‘साइकिल’ की सत्ता में वापसी का संकल्प
अबू आजमी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 पर चर्चा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के पूरे परिवार को एकजुट रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 के चुनाव में सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) वोटों का कोई बंटवारा न हो, इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सर्वसम्मत निर्णय लेकर मजबूत गठबंधन तैयार करेंगे. देश के वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए अबू आजमी ने युवाओं से आगे आने की अपील की. उन्होंने कहा, “आज देश के युवाओं की यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वे आजादी के मूल्यों और बाबा साहब द्वारा दिए गए संविधान की रक्षा करें. संविधान है तो लोकतंत्र है.
जनता सरकार से ऊब चुकी है
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब मौजूदा सरकार से पूरी तरह ऊब चुकी है. उन्होंने कहा कि आज चाय की दुकानों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थानों पर आम लोगों के बीच सरकार की नीतियों के खिलाफ गहरी नाराजगी साफ सुनाई दे रही है. बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति का अपराध अदालत में साबित न हो जाए, तब तक उसका घर गिराना सरासर गैर-कानूनी है. उन्होंने भदरसा के मोईद खान मामले का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि केवल आरोपों के आधार पर आनन-फानन में कार्रवाई कर दी गई, जबकि बाद में उनकी बेगुनाही की बात सामने आई. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है.
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मंदिर और मस्जिद दोनों की सुरक्षा जरूरी
गंगा-जमुनी तहजीब की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि देश में मंदिर और मस्जिद दोनों सुरक्षित रहने चाहिए. किसी भी समुदाय की आस्था को चोट पहुंचाना गलत है, क्योंकि भारत का संविधान हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है. आर्थिक मुद्दों पर बात करते हुए अबू आजमी ने बैंकों द्वारा बढ़ाए जा रहे अतिरिक्त चार्ज (Banking Charges) का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहा है, तब उस पर बैंकिंग शुल्क का बोझ डालना अन्यायपूर्ण है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि खुद केंद्रीय मंत्री संजय सेठ को अपनी ही सरकार के खिलाफ बैंकिंग शुल्कों के मुद्दे पर धरने पर बैठना पड़ा. मीडिया को इस खबर को प्रमुखता से दिखाना चाहिए ताकि जनता सरकार की नीतियों की हकीकत समझ सके.



