अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने बबुरी स्थित अशोक इंटर कॉलेज को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. वायरल वीडियो में विद्यालय परिसर के एक बंद कमरे में बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुकी दवाएं रखी दिखाई दे रही हैं. दवाओं पर वर्ष 2024 और 2025 की एक्सपायरी डेट अंकित होने का दावा किया जा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दवाओं के कई कार्टन और पैकेट दिखाई दे रहे हैं. दावा है कि ये दवाएं लंबे समय से विद्यालय परिसर में रखी थीं. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये दवाएं विद्यालय तक कैसे पहुंचीं और एक्सपायर होने के बाद भी उनका सुरक्षित निस्तारण क्यों नहीं किया गया.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) चंदौली ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया और वायरल वीडियो के माध्यम से मिली है. उन्होंने तत्काल जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दवाएं किस विभाग से आईं, विद्यालय में किसके निर्देश पर रखी गईं और एक्सपायर होने के बाद उनका नियमानुसार निस्तारण क्यों नहीं किया गया. यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी. नियमानुसार एक्सपायर दवाओं का बायो-मेडिकल वेस्ट के तहत सुरक्षित निस्तारण किया जाना चाहिए. इन्हें लंबे समय तक किसी कमरे में रखना नियमों के विरुद्ध है.
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डीआईओएस ने कहा, नए होने के कारण मामला संज्ञान में नहीं था, जांच कराई जाएगी. वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि वह अभी जिले में नए हैं और यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया था. उन्होंने बताया कि नवनियुक्त प्रधानाचार्य से पूरे प्रकरण की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
डीआईओएस ने विद्यालय की नई प्रबंध समिति के गठन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जब तक सभी आवश्यक कागजी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक नई समिति का गठन नहीं किया जा सकता. पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही पूरी की जाएगी.

