गाजियाबाद. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कठोरतम सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी.

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मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने विवेचना में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा मृतका के पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं. साथ ही परिवार का आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड समेत सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने को कहा गया है.

गौरतलब है कि मेरठ की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा ललिता गौतम 15 मई 2026 को लापता हो गई थीं. दो दिन बाद 17 मई को उनका शव रोहटा क्षेत्र में बरामद हुआ था. पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जांच के दौरान साक्ष्य मिटाने और आरोपी को शरण देने के आरोप में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई.

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मामले ने जुलाई माह में उस समय तूल पकड़ लिया, जब पीड़ित परिवार और समाज के लोगों ने मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से चर्चा का विषय बन गया.

हाल ही में इस मामले की विवेचना कर रहीं सीओ सौम्या अस्थाना को जांच से हटा दिया गया है और उनकी जगह सीओ रामप्रकाश को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही विवेचना से जुड़े पहलुओं की जांच भी शुरू की गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें कानून के अनुसार कठोरतम दंड मिल सके.