लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें सम्मान तथा सुरक्षा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रमिक विद्या योजना को नए स्वरूप में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू किया जाए, ताकि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। सीएम योगी ने निजी क्षेत्र के सहयोग से कौशल विकास की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया और कहा कि युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए।

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आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित किए जाएं

सीएम योगी ने सरकारी विभागों में आवश्यकता के अनुसार “सेवामित्र व्यवस्था” के उपयोग पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित किए जाएं तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित आवास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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इसके साथ ही सेवायोजन विभाग को आधुनिक एवं डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित करने और एआई आधारित जॉब मैचिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए।