कृष्ण कुमार मिश्र, जौनपुर. अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने सिंगरामऊ में ननिहाल में रह रही 13 वर्षीय पीड़िता को धमकी देते हुए दुष्कर्म करने के दोषी संदीप मौर्य निवासी सिंगरामऊ को कोर्ट ने 20 वर्ष की कैद और 30,000 जुर्माना की सजा सुनाया. जुर्माना अदा न करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. जुर्माना की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश हुआ.

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बता दें कि घटना की प्राथमिकी पीड़िता के मामा ने सिगरामऊ थाने में दर्ज कराया था कि उसकी 13 वर्षीय भांजी उसके पास रहकर पढ़ाई कर रही थी. वह रोजगार के सिलसिले में घर से बाहर रहता है. बूढ़े माता-पिता घर पर रहते हैं. 28 अक्टूबर 2017 को संदीप मौर्य ने पीड़िता को डरा धमकाकर घर पर उसके साथ दुराचार किया. इतना ही कई बार और हवस का शिकार बनाया. साथ ही धमकी देता रहता था कि किसी को बताया तो तुम्हारे नाना, नानी, मामा और तुम्हें जान से मार दूंगा.

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वहीं इस बीच पीड़िता गर्भवती हो गई. 9 मार्च 2018 को आरोपी पीड़िता को रिश्तेदारी ले जाने के बहाने बदलापुर ले गया और उसका गर्भपात करा दिया और अगले दिन घर पहुंचा दिया. वादी सूरत से आया तो पीड़िता ने आप बीती सुनाई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल जांच और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया और विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल किया. सरकारी वकील राजेश कुमार उपाध्याय व कमलेश कुमार राय ने कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराया. कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुष्कर्म के दोषी संदीप को दोषी पाते हुए कोर्ट ने 20 वर्ष की सजा सुनाया.