रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी द्वारा डीजल-पेट्रोल की बचत को लेकर की गई अपील का व्यापक असर अब जनप्रतिनिधियों के बीच भी दिखाई देने लगा है. उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने अपनी सुरक्षा में लगने वाली अतिरिक्त गाड़ियों को हटाने का फैसला लिया है.
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मंत्री दिनेश प्रताप सिंह रायबरेली के पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा में लगने वाली अतिरिक्त गाड़ियों को न भेजने के निर्देश दिए हैं. मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का यह निर्णय ईंधन संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देश में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जागरुकता बढ़ रही है. मंत्री के इस कदम से न केवल सरकारी संसाधनों की बचत होगी, बल्कि यह आम जनता के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा कि वे भी अपने दैनिक जीवन में ईंधन बचाने के उपायों को अपनाएं.
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पत्र में स्पष्ट किया है कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस वाहनों की आवश्यकता नहीं है और इन वाहनों में उपयोग होने वाले ईंधन की बचत की जानी चाहिए. उनका मानना है कि जनप्रतिनिधियों को स्वयं ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करने चाहिए, जिससे जनता में सकारात्मक संदेश जाए.

